विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस एवं पूर्णिमा श्राद्ध ( पितृपक्ष की शुरुआत) के अवसर पर किया गया वृछारोपण। 

विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस एवं पूर्णिमा श्राद्ध ( पितृपक्ष की शुरुआत) के अवसर पर किया गया वृछारोपण। 

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लखीसराय, बिहार। विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस एवं पूर्णिमा श्राद्ध ( पितृपक्ष की शुरुआत) के अवसर पर किया गया वृछारोपण। पर्यावरण भारती द्वारा फलदार वृक्ष आँवला, जामून, कदम्ब 5 पौधे तथा पारिजात पुष्प, गुलहड़ (अरहुल) के 4 और सेमल के 6 पौधे लगाए गए। पौधारोपण का नेतृत्व शिक्षक अरविंद कुमार ने किया। सहयोग हिमालय ने किया।

पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि 26 सितंबर 2011 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। इसका उद्देश्य है–” पर्यावरण तथा मानव स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध के बारे में लोगों को जागरूक करना है “।प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा, आपदारोधी समुदायों के निर्माण में वैज्ञानिक अनुसंधान, प्राद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देना ही मूल कार्य है।

स्वच्छ, संतुलित, ष्रदूषणमुक पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित करने हेतु कुछ कार्य संसार के मानव को करनी चाहिए।

1= पेड़ लगाइये, पर्यावरण बचाइये।
2= मानव जीवन को खुशहाल बनायें, बंजर भूमि में तालाब निर्माण करें।
3= धरती माँ की यही पुकार, वृक्ष लगाकर करें श्रृंगार।
4= पृथ्वी हमारी माता है, इसकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है।
5= पोलिथीन का उपयोग घटाकर धरती बंजर होने से रोकें।
6= पेड़ लगायें, प्रदूषण को कम करें।
7= जल ही जीवन है। अतः जल बचायें
8= धरती पर आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ ऑक्सीजन हेतु 10 पेड़ एक -एक परिवार में लगायें और सुरक्षा करें।

राम बिलास शाण्डिल्य ने बताया कि पूर्णिमा श्राद्ध ही पितृपक्ष की शुरुआत है। 26 सितंबर 2026 से पितृपक्ष प्रारंभ होकर 10 अक्टूबर 2026 को सर्व पितृपक्ष (अमावस्या) समापन होगा। पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण, तर्पण और पिण्डदान करना चाहिए। पितृपक्ष में मांगलिक कार्यक्रम, गृह प्रवेश इत्यादि निषिद्ध है।अतः सात्विक भोजन ही ग्रहण किया जाता है। लहसुन, प्याज, अंडा, मछली, मांस, शराब इत्यादि का सेवन न करें। अन्यथा अपने पितर या पूर्वज नाराज हो जाते हैं। पितृपक्ष में सात्विक भाव लेकर अपने- अपने पूर्वजों को स्मरण किया जाता है। पूर्वजों के पुण्य स्मरण में देव वृक्ष पीपल लगाने से पीतर खुश होकर आशीर्वाद देते हैं।

पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में शिक्षक अरविंद कुमार, हिमालय, नीलम देवी, योगेन्द्र साह, अभिषेक कुमार, राकेश कुमार, विशाल, राम बिलास शाण्डिल्य, हरि माँझी, संजीव कुमार,अक्षत राज इत्यादि ने भाग लिए।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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