डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा प्रकरण, 20 वर्षों में डॉ. शर्मा पर लग चुके हैं कई गंभीर आरोप।

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दलित छात्रा ने लगाया डॉक्टर पर एवं यौन शोषण का आरोप, पुलिस नहीं कर सखी अब तक गिरफ्तारी

त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा प्रकरण, 20 वर्षों में डॉ. शर्मा पर लग चुके हैं कई गंभीर आरोप। शहर के न्यूरो सर्जन डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा पर 20 वर्षों के बीच कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं लेकिन पैसे और रसूख के दम पर डॉक्टर ने सारे प्रकरण पर अब तक पर्दा ही डलवाया है। इस बीच दो दिन पूर्व दलित छात्रा ने डॉक्टर पर यौन शोषण का आरोप लगाया। इस मामले में पुलिस ने भले ही मुकदमा दर्ज कर लिया हो लेकिन अब तक डॉक्टर शर्मा की गिरफ्तारी करना जैसे भूल गई है। दूसरी ओर डॉक्टर अपने रसूख के दम पर पूरे प्रकरण पर पैसों के बल पर पानी डालने की फिराक में है जिससे कि वह एक बार फिर कानून के शिकंजे से बच सके तो दूसरी ओर छात्रा ने भी ठान लिया है कि उसे उसके किए की सजा वह जरूर दिलाएगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के क्लाइव रोड राजापुर  निवासी डॉ कार्तिकेय शर्मा न्यूरोसर्जन है। 20 वर्ष पूर्व उनका अपहरण कर लिया गया था जिसमें कहा जा रहा था कि फिरौती देने के बाद डॉक्टर शर्मा को अपहरणर्ता ने छोड़ दिया बाद में अपहरणकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। इसके बाद डॉक्टर शर्मा पर बिजली चोरी का आरोप लगा तो वह तत्काल मौके पर ही पैसा देकर विभाग से बच गए थे इसके साथ ही उन पर एक पूर्व सैनिक का मकान कब्जा करने का भी आरोप लगा था। इस बीच उनके ऊपर कई सारे आरोप लगते रहे लेकिन अपने रसूक  और पैसों के दम पर हमेशा बचते नजर आए।

इस बार एक दलित छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन दलित छात्रा को अब तक न्याय नहीं मिला। कारण साफ है की जैसे ही मीडिया में खबर फैली कि डॉक्टर शर्मा पर एक दलित छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया वैसे ही रसूखदार लोग उनके क्लीनिक पर पहुंचकर हर संभव मदद का आश्वासन देने लगे जिस पर डॉक्टर शर्मा एक बार फिर इस बात से निश्चित दिख रहे हैं कि कुछ भी होना नहीं है।

दूसरी ओर इस प्रकरण को लेकर दलित संगठन भी अब डॉक्टर शर्मा के खिलाफ आवाज बुलंद कर सकते हैं जो पुलिस प्रशासन को भारी पड़ सकता है भले ही डॉक्टर शर्मा यह दलील दे रहे हो कि वह मानसिक रोगी है और उसका इलाज वह कर रहे थे लेकिन जिस तरह से छात्रा ने उनके क्लीनिक पर चिल्ला – चिल्ला कर आरोप लगाया है कहीं ना कहीं दाल में तो कुछ काला जरूर होगा नहीं तो इतने दिन से इलाज करा रही छात्रा भला कैसे किसी पर इस तरह के आरोप लगाती।

खैर मामला पुलिस के पाले में है देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में दलित छात्रा को न्याय दिला पाती है या पूर्व की भांति इस केस को भी ठंडा बस्ते में डाल दिया जाएगा।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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