ATS रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
क्या आप जानते हैं भगवान् राम के परम भक्त हनुमान जी का असली नाम हनुमान जी नहीं था। माता अंजनि ने उनका नाम सुंदर रखा था क्योंकि वे शिवजी की तपस्या के सबसे सुंदर फल थे।यही वजह है की रामचरित मानस में हनुमान के चरित का वर्णन करने वाला काण्ड सुन्दरकाण्ड कहलाता है। हनुमान नाम तो एक चोट की निशानी है । संस्कृत में जबड़े की हड्डी को हनु कहते हैं मतलब उभरा हुआ। एक बार बचपन में जब बाल हनुमान ने उगते लाल सूर्य को एक स्वादिष्ट फल समझकर आकाश में ऊँची छलांग लगाई और से निगलना चाहा जिससे संसार में अंधकार छा गया। तब इंद्रदेव ने क्रोधित होकर उनके जबड़े पर वज्र प्रहार किया। जिससे उनका हनु यानी जबड़ा सूज गया और उनका नाम पड़ा हनुमान लेकिन कथा यहीं खत्म नहीं होती। देवताओं ने उन्हें हर अस्त्र शस्त्र से अजेय बना दिया । तभी से वे बने बजरंग बली कपिश्वर, मारुतिनंदन, जितेंद्रियम, बुद्धिमतां वरिष्ठम, जैसे अनेक नामों से उन्हें बुलाया गया पर बालक हनुमान का प्रथम नाम सुंदर था भक्ति और शक्ति का सबसे सुंदर संगम ।









