मां बोली ‘बेटा तुमने कुल का नाम रोशन कर दिया’
डीएस मौर्य की रिपोर्ट
प्रयागराज। नौ सेना से बीआरएस लेकर की तैयारी, बने सहायक आयुक्त। मूलतः बलिया के अठिलापुर (रसड़ा) गांव निवासी राघवेंद्र कुमार सिंह अपने दूसरे प्रयास में यूपीपीसीएस की परीक्षा में सफलता अर्जित की है। उनका चयन सहायक आयुक्त वाणिज्य कर के पद पर हुआ है। वह विगत छह वर्षों से झूंसी आवास विकास कालोनी योजना दो में रहकर यूपीपीसीएस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। यह परिणाम ऐसे समय आया जब वह यूपीपीसीएस मेंस 2025 की परीक्षा दे रहे थे। परिणाम घोषित होने पर वह बहुत तनाव में थे किंतु सफलता मिली तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
दिवंगत प्रभुनाथ सिंह के चार बेटों में राघवेंद्र सिंह सबसे छोटे हैं। उन्होंने इंटरमीडिएट तक शिक्षा बलिया से प्राप्त किया। वर्ष 2005 में उनका चयन नौ सेना में जूनियर कमीशन आफिसर के पद पर हो गया लेकिन उनके कई दोस्तों का चयन आईएएस और पीसीएस में होने से उनका रूझान भी इसी ओर बना रहा। अंत में वर्ष 2020 में सेना से बीआरएस लेकर यूपीपीसीएस की तैयारी में जुट गए। दोस्त, रिश्तेदार व खासकर उनकी धर्मपत्नी प्रियंका सिंह ने उन्हें हर कदम पर हौसलाफजाई की।
राघवेंद्र सिंह बताते हैं कि सफलता की खबर जब वह अपनी मां लाखरानी देवी को सुनाया तो वह खुशी से रोने लगी, बोली ‘बेटा तुमने कुल का नाम रोशन कर दिया’।
बड़े भाई राजेश सिंह एक दवा कंपनी में प्रोडक्शन मैनेजर हैं। दो मझले भाई संजीव सिंह ठेकेदार तो अजय सिंह किसान है।









