त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
घूरपुर, प्रयागराज। Yam Dwitiiya Mela: घूरपुर के सुजावन देव मंदिर में शुरू हुआ ऐतिहासिक मेला। शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित सुजावन देव मंदिर में तीन दिवसीय यमज्योतिया मेला आरंभ हुआ है। यह मेला दीपावली के बाद लगता है और इसकी विशेष पौराणिक मान्यता है।
सुजावन देव मंदिर, यमुना नदी के मध्य स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर है, जो अपनी आध्यात्मिक शक्ति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है।
पौराणिक कथा के अनुसार, यमुना ने अपने भाई यमराज का आदर-सत्कार किया था और वरदान स्वरूप यह कहा कि “जो भाई यम द्वितीया (भाई दूज) के दिन अपनी बहन के घर भोजन करेगा और तिलक करवाएगा, उसे यमराज के भय से मुक्ति प्राप्त होगी।” इसी कथा से भाई दूज (यम द्वितीया) की परंपरा का प्रारंभ हुआ।

हर वर्ष कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यहां तीन दिवसीय भव्य मेला आयोजित किया जाता है, जहां भक्त अकाल मृत्यु से मुक्ति और दीर्घायु की कामना के लिए पूजा-अर्चना करते हैं।
मंदिर की अनोखी भौगोलिक स्थिति
यमुना के बीच स्थित होने के कारण इसे और भी आध्यात्मिक एवं आकर्षक बनाती है। मेले के पहले दिन से श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्ति के साथ मेले का आनंद लिया।










