बनारस की बेटी दृष्टि मिश्रा के कार्यों से प्रफुल्लित हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह।

बनारस की बेटी दृष्टि मिश्रा के कार्यों से प्रफुल्लित परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह।

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दैनिक जागरण के संपादक संजय मिश्र ने की सराहना

अवनीत कुमार शर्मा के साथ विजय लक्ष्मी तिवारी की रिपोर्ट 

वराणसी। बनारस की बेटी दृष्टि मिश्रा के कार्यों से प्रफुल्लित हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह। सनबीम वरुणा वाराणसी में दैनिक जागरण अपने सामाजिक सरोकार के तहत दुर्घटना मुक्त काशी के लिए समाचारीय अभियान ‘यातायात के रोड़े’ चला रहा है। इस कड़ी में

मंगलवार, 30 दिसंबर को जनसंवाद ‘यातायात के रोड़े कैसे तोड़ें’ आयोजित थी। इसमें परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह मुख्य अतिथि थे। एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, उप परिवहन आयुक्त भीमसेन सिंह, आरटीओ मनोज वर्मा, पूर्व मंत्री विधायक नीलकंठ तिवारी भाजपा मेयर अशोक तिवारी और जगह जगह के मीडिया पत्रकार, सोशल वर्कर आदि उपस्थित थे।

ये आयोजन काशी को दुर्घटना मुफ्त बनाने के लिए दैनिक जागरण के संपादक संजय मिश्र द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें सोशल वर्कर दृष्टि मिश्रा भी उपस्थित थी और सभी अधिकारीगण, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, दैनिक जागरण के संपादक संजय मिश्र  के बातों को सुनी की काशी को दुर्घटना मुफ्त कैसे करे, जिसमें बताया गया कि शराब पीकर गाड़ी न चलाए, हेलमेट लगाए , ट्रैफिक नियमों का पालन करे, गाड़ी धीरे चलाए, ओवरटेक करने से बचे और मैं दृष्टि मिश्रा अपनी बातों को  दैनिक जागरण के संपादक संजय मिश्र, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और बहुत सारे मीडिया के सामने अपने विचारों को कैसे काशी को दुर्घटना मुफ्त बनाए अपनी विचार रखी। कहा कि मै दृष्टि मिश्रा 4 साल की उम्र से सोशल वर्क कर रही हूँ जैसे जल बचाओ, पेड़ो को न काटे , बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आदि चीजों पर लोगों के बीच घूम घूमकर लोगों को जागरूक करती हूँ, जिसके लिए मुझे उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, डीएम गौरांग राठी सर, उपजिलाधिकारी और भी बहुत सारे प्रतिनिधि, सांसद,विधायक, तमाम पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी द्वारा सम्मानित की जा चुकी हूँ मेरे कामों को बहुत से लोगों ने सराहना दी और कहा गया कि दृष्टि जैसी बच्चियां हमारे देश की गौरव और अभिमान है। इनको ब्रांड अम्बेडसर बनाए जाए। ये विचार संपादक और परिवहन मंत्री के थे दृष्टि का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड एवं इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।

दृष्टि मिश्रा गांव बहेड़वा, पोस्ट मिर्ज़ामुराद, जिला वाराणसी की रहने वाली है। वह वाराणसी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा 5 की छात्रा है। दृष्टि मिश्रा को बहुत सारे भाषाओं की भी जानकारी है जैसे बंगाली, गुजराती, मराठी आदि।

दृष्टि के पिता अश्वनी कुमार मिश्रा जो एक साधारण किसान है माता ज्योति मिश्रा अधिवक्ता है। दृष्टि पढ़ने लिखने में बहुत तेज है एवं उसकी मैथ पर पकड़ में बहुत तेज है जब वह 7 साल की उम्र की थी तब वह 12 तक की मैथ खुद से पढ़ ली थी।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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