पुस्तक मेला कार्निवल के चौथे दिन साहित्य, कविता और रचनात्मकता का संगम।

पुस्तक मेला कार्निवल के चौथे दिन साहित्य, कविता और रचनात्मकता का संगम।

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अर्ज़ है की ओपन माइक में कविताओं ने बांधा समां, उपकार प्रकाशन की प्रतियोगी पुस्तकों की रही अच्छी मांग, वाणी प्रकाशन, हिंद युग्म और लोकभारती की पुस्तकों को भी पाठकों ने खूब पसंद किया

त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। पुस्तक मेला कार्निवल के चौथे दिन साहित्य, कविता और रचनात्मकता का संगम। पुस्तक मेला कार्निवल के चौथे दिन भी पुस्तक प्रेमियों, साहित्य अनुरागियों और रचनात्मक गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोगों का उत्साह देखने को मिला। कार्निवल में जहां एक ओर विभिन्न प्रकाशकों की पुस्तकों के प्रति पाठकों की दिलचस्पी बनी रही, वहीं दूसरी ओर कविता, अभिव्यक्ति और कला से जुड़े आयोजनों ने माहौल को साहित्यिक रंगों से सराबोर कर दिया।

तीसरे दिन की शानदार सफलता के बाद चौथे दिन भी कार्निवल में साहित्य और रचनात्मकता का उत्साह बरकरार रहा। ‘अर्ज़ है’ (Arz Hai) कम्युनिटी की ओर से आयोजित ओपन माइक कार्यक्रम दिन का प्रमुख आकर्षण रहा। मंच का संचालन एंकर शुभम ने किया। उन्होंने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति और सहज अंदाज से कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। ओपन माइक में स्नेहल, परवाना और सविनय ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया। कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति के इस आयोजन ने युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा साहित्य से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

बुकमार्क मेकिंग में बच्चों और युवाओं ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा – कार्निवल के चौथे दिन आयोजित बुकमार्क मेकिंग गतिविधि में गरिमा, पारुल, ऐश्वर्या, रवीना और अब्दुल्लाह ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल का परिचय देते हुए आकर्षक बुकमार्क तैयार किए। इस गतिविधि ने पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ पढ़ने की संस्कृति को रचनात्मकता से जोड़ने का संदेश भी दिया।

‘अर्ज़ है’ कम्युनिटी की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को कविता, कला और साहित्य के एक खूबसूरत संगम में बदल दिया। ओपन माइक और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से कार्निवल ने यह संदेश दिया कि पुस्तकें केवल ज्ञान का माध्यम ही नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और कल्पनाओं को अभिव्यक्त करने का भी सशक्त साधन हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों के प्रति पाठकों की विशेष रुचि – पुस्तक बिक्री के लिहाज से भी कार्निवल का चौथा दिन महत्वपूर्ण रहा। उपकार प्रकाशन की प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की अच्छी मांग देखने को मिली। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध पुस्तकों के प्रति पाठकों ने विशेष रुचि दिखाई।

इसके साथ ही वाणी प्रकाशन, हिंद युग्म और लोकभारती प्रकाशन की पुस्तकों को भी पाठकों ने खूब पसंद किया। इन प्रकाशकों की पुस्तकों के प्रति लोगों की रुचि ने यह दर्शाया कि प्रयागराज के पाठकों में साहित्यिक, वैचारिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकों की मांग लगातार बनी हुई है। विभिन्न विधाओं और विषयों की पुस्तकें एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से पुस्तक प्रेमियों को अपनी पसंद के अनुरूप साहित्य चुनने का अवसर मिल रहा है।

आचार्य प्रशांत की पुस्तकों और विचारों ने भी खींचा ध्यान – कार्निवल में आचार्य प्रशांत की पुस्तकों को लेकर भी पाठकों, उनके प्रशंसकों और विचारों में रुचि रखने वाले लोगों के बीच उत्साह देखने को मिला। उनकी पुस्तकों के प्रचार-प्रसार से जुड़े लोगों और प्रशंसकों ने एक सुंदर कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। इस आयोजन के माध्यम से पुस्तकों में व्यक्त विचारों और उनके संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

पुस्तकों के साथ संस्कृति और संवाद का मंच बना कार्निवल – पुस्तक मेला कार्निवल का उद्देश्य केवल पुस्तकों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करना, युवाओं को साहित्य और कला से जोड़ना तथा लेखकों, पाठकों और रचनात्मक समुदायों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना भी है। चौथे दिन की गतिविधियों ने इस उद्देश्य को सार्थक रूप से आगे बढ़ाया।

पुस्तकों की मांग, ओपन माइक में युवाओं की भागीदारी और रचनात्मक गतिविधियों के प्रति उत्साह ने कार्निवल के वातावरण को जीवंत बनाए रखा। साहित्य, विचार और कला के इस संगम के साथ बुकवाला बुक कार्निवल प्रयागराज के लोगों को पुस्तकों से जुड़ने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने का अवसर प्रदान कर रहा है।

पुस्तक मेला कार्निवल 2026 का आयोजन 9 से 18 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक लक्ष्मी नारायण वाटिका, लाऊदर रोड, सरस्वती नेत्रालय के सामने, जॉर्ज टाउन, प्रयागराज में किया जा रहा है। पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों, युवाओं और परिवारों के लिए कार्निवल में विभिन्न विषयों की पुस्तकों के साथ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लेने का अवसर उपलब्ध है। प्रवेश निःशुल्क है तथा पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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