देवेन्द्र कुमार जैन की रिपोर्ट
भोपाल, मध्यप्रदेश। क्षय रोग जागरूकता के लिए पूरे भोपाल में कई स्थानों पर विश्व क्षय दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भोपाल जिले की समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर टीबी एवं असंचारी रोगों की स्क्रीनिंग के लिए विशेष शिविर लगाए गए।
इस वर्ष यह दिवस *“Yes! We Can End TB: Commit, Invest, Deliver”* की थीम पर मनाया जा रहा है
टी बी जागरूकता रैलियों, रंगोली, पोस्टर प्रतियोगिता, हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से टीबी के लक्षणों बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी गई। विश्व क्षय दिवस पर सोमवार को गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल क्षेत्र में श्रमिकों,उनके परिजनों एवं स्थानीय नागरिकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम एवं स्क्रीनिंग कैंप लगाया। जिसमें टीबी चैंपियन्स ने अपने अनुभव साझा किए। क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र, टीबी उन्मूलन शपथ एवं फूड बास्केट वितरण किया गया। कार्यक्रम में सी एम एच ओ भोपाल द्वारा टी बी उन्मूलन में किए जा रहे प्रयासों और टी बी मुक्त पंचायतों की जानकारी दी गई। शिविर में 218 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चलित मोबाइल आई टेस्टिंग यूनिट से 150 लोगों की आंखों की जांच की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने कहा कि क्षय उन्मूलन के लिए लक्षणों की सही समय पर पहचान कर स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाना बेहद जरुरी है। भोपाल की 17 ग्राम पंचायत को पिछले साल टीबी मुक्त किया जा चुका है। इस साल 77 और ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की जा रही है। टीबी मरीजों को उपचार अवधि में 1000 रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।भोपाल जिले में नोटिफिकेशन, निक्षय मित्र चिन्हांकन एवं निक्षय पोषण योजना का विस्तारीकरण, एपिडेमियोलॉजिकल इंटरवेंशन, निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ सपोर्ट सिस्टम, निक्षय पोर्टल प्रविष्टि इत्यादि की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। टीबी उन्मूलन हेतु मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा 100 दिवसीय निक्षय अभियान की शुरुआत की गई है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में भोपाल जिले द्वारा उल्लेखनीय कार्य करते हुए प्रदेश में सर्वाधिक मरीजों को चिह्नित किया गया है। साल 2024 में भोपाल में कुल 13336 मरीजों को चिह्नित कर उपचार दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी संभावित क्षेत्रों की पहचान कर स्क्रीनिंग करवाई गई है। टीबी के मरीजों को चिह्नांकित करने के लिए वृद्धाश्रमों, रैन बसेरों, सेंट्रल जेल, औद्योगिक इकाइयों, मेलों, पुलिस विभाग, नगर निगम के सफाई मित्रों, हॉस्टल्स, निर्माणाधीन भवनों में स्क्रीनिंग कैंप लगाए जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मेलों, बाजारों में सघन जागरूकता गतिविधियां भी निरन्तर जारी हैं। जागरूकता अभियानों ,परीक्षण, संभावित टीबी मरीजों का स्पूटम कलेक्शन, निक्षय पोर्टल पर प्रिजम्प्टिव आईडी तैयार करना, डॉट्स की उपलब्धता ,उपचार सहायता, निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण एवं मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जा रही है। टीबी के ऐसे मरीज जो पूरा इलाज लेकर स्वस्थ हो चुके हैं उन्हें टी बी चैंपियन बनाया गया है। टीबी के उपचार के साथ-साथ मरीजों के पर्याप्त पोषण के लिए निक्षय मित्रों को भी कार्यक्रम में शामिल होने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। जिले में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योगपतियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोग निक्षय मित्र बने हैं।
