मुख्य अतिथि दिलीप पाण्डेय अध्यक्ष,मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन कौशाम्बी रहें
कौशांबी। सशक्त महिला, सुरक्षित समाज चुनौतियाँ और समाधान विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन। बुधवार को प्राचार्य/उपशिक्षा निदेशक सुश्री निधि शुक्ला के निर्देशन में “सशक्त महिला, सुरक्षित समाज: चुनौतियाँ और समाधान” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, कानूनी अधिकारों एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता बढ़ाना था, ताकि शिक्षण-प्रशिक्षण से जुड़े भावी शिक्षक समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रथम वक्ता दिलीप कुमार पाण्डेय (एडवोकेट), अध्यक्ष, मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन कौशाम्बी ने “महिलाओं के कानूनी अधिकार” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निरोधक प्रावधान एवं महिला संरक्षण से जुड़े प्रमुख कानूनी उपायों की जानकारी दी तथा प्रशिक्षुओं को कानून के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।द्वितीय वक्ता मनुदेव त्रिपाठी (पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन कौशाम्बी) ने “महिला सशक्तिकरण के सरकारी पहल” विषय पर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं—जैसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्पलाइन, स्वरोजगार योजनाओं की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। तृतीय वक्ता मोहम्मद कसीम फारूकी (प्रवक्ता, राज्य शिक्षा संस्थान प्रयागराज) ने “लैंगिक समानता” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षा के माध्यम से रूढ़िगत धारणाओं को समाप्त करने एवं विद्यालय स्तर से समानता आधारित सोच विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

चतुर्थ वक्ता बेबी नाज (सदस्य, बाल कल्याण समिति, कौशाम्बी) ने “स्त्री सशक्तिकरण: सामाजिक चुनौतियाँ” विषय पर सामाजिक पूर्वाग्रह, बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव एवं पारिवारिक दबाव जैसी समस्याओं पर चर्चा की और सामूहिक जागरूकता को समाधान का प्रमुख आधार बताया।पंचम वक्ता मोहम्मद रेहान (सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड, कौशाम्बी) ने किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों एवं न्यायिक संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम के अंत में साइबर सेल टीम कौशाम्बी द्वारा महिलाओं की साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग एवं भविष्य की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों को व्यावहारिक सुझाव एवं हेल्पलाइन संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई।
उक्त कार्यशाला की नोडल प्रवक्ता डॉ अनामिका सिंह (प्रवक्ता) एवं सुश्री शबनम सिद्दीक़ी (प्रवक्ता) रहीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ दिनेश कुमार यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ संदीप तिवारी, श्री शबीह मुस्तफा, डॉ देवेन्द्र मिश्र, डॉ नारेन्द्र आदि प्रवक्तागण उपस्थित रहे।इस कार्यशाला का डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। प्रशिक्षुओं ने महिला अधिकारों, लैंगिक समानता एवं साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक पक्षों को समझा। उनके भीतर सामाजिक संवेदनशीलता, विधिक जागरूकता तथा विद्यालयी स्तर पर बालिकाओं के प्रति सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण निर्माण की प्रतिबद्धता सुदृढ़ हुई। भावी शिक्षक के रूप में वे अब न केवल शैक्षिक, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के वाहक बनने हेतु अधिक सजग एवं प्रतिबद्ध दिखाई दिए।कार्यशाला ने यह संदेश दिया कि सशक्त महिला ही सुरक्षित और समृद्ध समाज की आधारशिला है, और शिक्षा इस परिवर्तन की सबसे प्रभावी शक्ति है।










