टीएन शर्मा की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति भी कर चुके हैं सम्मानित, 19 राज्यों में सुना चुकी है कथा
Prayagraj,up: जिस उम्र में अमूमन बच्चे खेलने-कूदने में मशगूल रहते हैं उस उम्र में अनुष्का पाठक धर्म और आध्यात्म में लीन हो गई हैं। छोटी सी उम्र में वह बड़े-बड़े मंचों पर श्रीराम की कथा सुनाती हैं। रामचरित मानस तो उन्हें कंठस्थ है। अब तक 19 राज्यों में जाकर वह यह कथा सुना चुकी हैं। प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति द्वारा अनुष्का को सम्मानित भी किया जा चुका है। कुशीनगर की रहने वाली अनुष्का इन दिनों प्रयागराज में रहकर कथा कर रही हैं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित आठ वर्षीय बालविदुषी कथावाचिका अनुष्का पाठक प्रयागराज के आनापुरस्थित विद्यार्थी पब्लिक स्कूल में 5वीं कक्षा में प्रवेश लिया है। श्रृंगवेरपुर धाम में अपना आवास और आश्रम बनाकर देश-दुनिया में आध्यात्मिक चेतना का संचार करेंगी। जनपद के सिविल लाइंस स्थित एक होटल में अनुष्का ने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि मुझे गर्व है की ऋषि-मुनियों की पावन तपस्थली में शिक्षा प्राप्त करने का सौभाग्य मिलेगा। कुशीनगर के सौरहा खुर्द गांव की रहने वाली अनुष्का का कथावाचन, एक मर्मज्ञ की तरह है, वह इसके पीछे मां सरस्वती की कृपा और अपनी लगन बताती हैं। अनुष्का ने कहा किे मेरी कथा की फीस तो कुछ नहीं है लेकिन बेटी की शादी में जितना खर्च करते हैं उतना कथा के निमित्त भी खर्च करना चाहिए।
वही अनुष्का ने बताया कि जब मैं चार वर्ष की थी तभी पिता वशिष्ठनारायण की कथा को सुनकर पूरी कथा याद कर ली थी। श्रीमद्धागवत व राम चरित मानस का रसपान करा रहीं अनुष्का के मुख से संस्कृत के वाक्यों व उनके अर्थ को सुनकर हर भक्त अभिभूत हो जाता है। अनुष्का की प्रतिभा को देखते हुए जनवरी में दिल्ली के विज्ञान भवन में महिला एवं विकासमंत्रालय की ओर से आयोजित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2024 के पुरस्कार वितरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मुने कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने के लिए सम्मानित किया था। अनुष्का ने बताया कि 26 अप्रैल से गाजीपुर, पांच मई से देवरिया और 15 मई से दिल्ली में कथा आयोजित की जाएगी। अनुष्का ने 11 से 17 अप्रैल तक आनापुर में बच्चों को शास्त्रं के अनुसार जीवन जीने की कला सिखाई थीं।










