शहद और दूध से हुआ भगवान शिव का अभिषेक, नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में अभिषेक व विसर्जन महायज्ञ छठवें दिन भी अनवरत जारी।

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त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। सनातन धर्म की रक्षा विश्व जन कल्याण, सर्व मनोकामना पूर्ति एवं भूतभवान भगवान शिव को समर्पित अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विर्सजन महायज्ञ आज छठवें दिन भी त्रिवेणी बाँध स्थित रामजानकी मन्दिर के बगल नागा बाबा की गुफा के सामने अनवरत जारी रहा। यज्ञस्थल पर आज कुमारी आकांक्षा पाण्डेय ने मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित होकर भूतभावन भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर विधिवत पूजन किया।

यज्ञ संयोजक श्याम सूरत पाण्डेय ने कहा कि लिंग पुराण और शिव पुराण के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए सावन के महीने में कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और उनसे विवाह किया, जिससे यह महीना शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। सावन मास में रुद्राभिषेक करने से संतान प्राप्ति, शीघ्र विवाह, करियर में सफलता, धन वृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति जैसे सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा जीवन की बाधाएं, ग्रहों का कुप्रभाव, नजर दोष भी रुद्राभिषेक के प्रभाव से शांत हो जाते हैं। संस्था के प्रवक्ता एवं महासचिव अधिवक्ता सत्य प्रकाश पाण्डेय ने समस्त शिवभक्तों एवं प्रयागवासियों से यज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील किया।

आज छठवें दिन के अभिषेक, आरती एवं विसर्जन में मुख्य रूप से मुख्य अतिथि सीता शरण शास्त्री वरिष्ठ समाज सेवी, वरिष्ठ काँग्रेस नेत्री सत्या पाण्डेय, रागविराग त्रिपाठी, रोहित आनन्द, विवेक पाण्डेय, राहुल मिश्रा, मुकुल मिश्रा, विशाल ओझा, विजय निषाद, मधु चकहा, जय प्रकाश पाण्डेय, भानु यादव, पप्पू, राजनाथ तिवारी, आशा पाण्डेय, दुर्गेश दुबे, अधिवक्ता सत्य प्रकाश पाण्डेय, मधुबाला पाण्डेय सहित सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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