12 ज्योतिर्लिंगों के नाम का स्मरण प्रातः किया जाए तो इससे सात जन्मों के पाप धुल जाते हैं- श्याम सूरत पाण्डेय।

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नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में त्रिवेणी बाँध पर जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण, अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ 9वें दिन भी अनवरत जारी

त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। विश्व जन कल्याण, सर्व मनोकामना पूर्ति एवं भूतभवान भगवान शिव को समर्पित अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण विर्सजन महायज्ञ आज 9वें दिन भी त्रिवेणी बाँध स्थित रामजानकी मन्दिर के बगल नागा बाबा की गुफा के सामने अनवरत जारी रहा। यज्ञस्थल पर आज पूजा दुबे ने परिवार सहित मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित होकर भूतभावन भगवान भोलेनाथ का विधिपूर्वक श्रृंगार कर दुग्धाभिषेक किया।

यज्ञ संयोजक एवं संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्री श्याम सूरत पाण्डेय ने कहा की भगवान शिव की लिंग स्वरूप में पूजा सबसे ज्यादा होती है और इस स्वरूप में भगवान ज्योति के रूप में विद्यमान रहते हैं, इसलिए इसे ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। कहते हैं कि अगर रोजाना सुबह इन 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम का स्मरण किया जाए तो इससे सात जन्मों के पाप धुल जाते हैं। संस्था के प्रवक्ता एवं महासचिव सत्य प्रकाश पाण्डेय ने कहा की रुद्राभिषेक का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना और जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और आरोग्य पाना है। श्री पाण्डेय ने समस्त शिवभक्तों से यज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव के कृपा पात्र बनने की अपील किया।

सम्पूर्ण सावन तक अनवरत चलने वाले अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ के आज 9वें दिन के रुद्राभिषेक आरती एवं विसर्जन में मुख्य रूप से श्री सिद्ध बाबा, उमा कुशवाहा, सत्य प्रकाश पाण्डेय, ज्योति गुप्ता, शिवकुमारी पाण्डेय, आकांक्षा पाण्डेय, मधुबाला पाण्डेय, जय प्रकाश पाण्डेय सहित सैकड़ों भक्त गण उपस्थित रहे यज्ञ अनवरत जारी रहेगा।

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Author: AT Samachar

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