पूर्व सैनिकों ने कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्ष गांठ धूमधाम से मनाया ,कारगिल वीर शहीदों को नमन कर, कारगिल युद्ध विजेताओं ने संस्मरण सुनाए।

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त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। वीर सेनानी पूर्व सैनिक कल्याण समिति प्रयागराज के तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्ष गांठ पर सैकड़ों पूर्व सैनिक लाल बहादुर शास्त्री तपोवन पार्क सत्संग भवन न्यू कैंट प्रयागराज में एकत्रित होकर वीर शहीदों को नमन एवं परिचर्चा कर कारगिल विजय दिवस धूमधाम से मनाया।

मुख्य अतिथि के तौर पर न्यायमूर्ति कैप्टन डी पी एन सिंह (से. नि.)रहे अध्यक्षता कारगिल युद्ध विजेता पूर्व सूबेदार ईश्वर चंद तिवारी व संचालन कारगिल युद्ध विजेता पूर्व सूबेदार श्यामसुंदर सिंह पटेल एवं संयोजन कारगिल युद्ध विजेता पूर्व सूबेदार गुनई यादव ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कारगिल वीर शहीद नायक लालमणि यादव प्रयागराज एवं कारगिल वीर शहीद हवलदार कंचन सिंह पटेल फतेहपुर के चित्रों पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया तथा भारत माता की जय, कारगिल वीर शहीद अमर रहे ,वीर शहीदों की कुर्बानी याद करेगा हर हिंदुस्तानी, वंदे मातरम नारे लगाए तत्पश्चात सभी ने वंदे मातरम गीत गाकर भारत माता की जय के साथ कारगिल युद्ध विजेताओं ने संस्मरण सुनाए। इस अवसर पर नीलम तिवारी ने गीत गाया देश गीत- बहुत प्यार करते हैं तुमको वतन … से तालियां बटोरी तत्पश्चात कारगिल युद्ध विजेता पूर्व सूबेदार मेजर मुकेश मिश्रा ने संस्मरण सुनाते हुए गीत गाया शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले ,वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशा होगा ,दीप उनकी कब्र पर जलेंगे सदा ,खून जिसने दिया है वतन के लिए फूल माला हमारी समर्पित उन्हें
जान जिसने दिया है चमन के लिए..

कारगिल युद्ध विजेता पूर्व सूबेदार श्यामसुंदर सिंह पटेल ने कहा कि कारगिल युद्ध पाकिस्तान की धोखेबाजी या गलत नीतियों के कारण हुआ जो हिमालय की पहाड़ियों पर 12000 से 18000 फीट हाइट में ऑपरेशन विजय के नाम पर युद्ध लड़ना पड़ा जो बहुत ही कठिनाइयों व माइनस 45 डिग्री टेंपरेचर पर विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए लड़ाई लड़ी और पाकिस्तान के छक्के छुड़ाए हम टाइगर हिल व गिलगिट की ऊंची ऊंची पहाड़ियां जो दीवार की तरह हमारी तरफ खड़ी थी वहां हम नीचे थे उनकी तरफ तराई थी हम गोली मारते थे तो वह पीछे हट जाते थे तभी वायु सेना ने भीषण बम बाजी कर टाइगर हिल में गोला बरसाए तब हम वन्हां विजय हासिल कर सके अन्य क्षेत्रों में तो हम पहले ही उन्हें परास्त कर चुके थे इस तरह से 6 मई से 26 जुलाई 1999 तक पाकिस्तान से कारगिल युद्ध चला और 26 जुलाई 1999 को पाकिस्तान को परास्त कर विजय हासिल किया व टाइगर हिल पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर विजय दिवस मनाया गया, वही परंपरा चली आ रही है कि हम कारगिल विजय दिवस हर वर्ष मनाते हैं आज कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्ष गांठ मनाई गई युद्ध के 26 वर्ष पूरे हो चुके लेकिन वन्हा का दृश्य अभी भी हमारे जेहन से नहीं हटता है।

कारगिल युद्ध विजेता सूबेदार मेजर बच्चा लाल प्रजापति संस्मरण सुनाते हुए गीत प्रस्तुत किया कि मुझे तोड़ लेना बनमाली….., सूबेदार उमेश कुमार ने संस्मरण प्रस्तुत करते हुए गीत गाया – बड़ा निक लागे अपना देशवा की माटी, ना ही कोई भेदभाव ना ही कोई जाती….., वारंट आफिसर पी बी सिंह ने संस्मरण सुनाते हुए गीत गाया कि मुझे रात भर कर सितारों ने लूटा…गीत से शहीदों को नमन किया इसी तरह सूबेदार यादव, लेफ्टिनेंट मोहम्मद शाहिद उस्मानी आदि कई लोगों ने अपने संस्मरण सुनाए व कहा कि यह युद्ध अन्य सभी युद्धों से अलग था जो पहाड़ों में लड़ना पड़ा मौसम की मार ऑक्सीजन की कमी आदि कई परिस्थितियों को झेलते हुए विजय हासिल किया जो पूरे विश्व में आज तक पहाड़ों में इतनी ऊंचाई पर युद्ध नहीं हुआ इसलिए यह ऐतिहासिक युद्ध था जिस का विशेष महत्व है इसीलिए हर वर्ष कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति कैप्टन डी पी एन सिंह ने कहा कि कारगिल वीर शहीदों को हम शत शत नमन करते हैं युद्ध विजेताओं व सभी पूर्व सैनिकों, वीर नारियों को कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं पूरे विश्व में यदि अनुशासन की मिसाल दी जाती है तो वह सेना की दी जाती है अनुशासन लोगों को अपने जीवन में उतारना चाहिए जिससे निजी जीवन, सामाजिक जीवन, राष्ट्रीय जीवन सुधर जाएगा सेना इकाई के रूप में है हमें संगठित होकर राष्ट्र निर्माण के कार्यों में लगना चाहिए, वीर शहीदों के परिवार की वीर नारियों को उनके हर मुसीबत में पहुंचकर उनकी मदद करना चाहिए यही हम सब का धर्म है हम सेवानिवृत्त होने के बाद भी सैनिक ही होते हैं क्योंकि जो हमने शपथ लिया है वह मरते दम तक समाप्त नहीं होती,हमें सिविल की हर समस्याओं से लड़ना पड़ता है जो विदेशियों के षड्यंत्र से उत्पन्न होती है इसलिए हमें आंख कान खोल कर रहना होगा तथा राष्ट्र को बचाने के लिए कार्य करना चाहिए तभी ऐसे कार्यक्रमों की सार्थकता होगी सारा देश सैनिकों की ओर देखता है और उसी पर भरोसा है इसलिए हम पूर्व सैनिक सदैव सैनिक धर्म निभाएं तभी हम सब का जीवन धन्य होगा।

अध्यक्षता कर रहे ईश्वर चंद तिवारी ने कहा की हम सब संगठित होकर राष्ट्रहित ,जनहित व पूर्व सैनिकों के कल्याण कार्यों में लगे तभी हमारा जीवन सफल होगा आज के इस आयोजन में आप सब आए और कार्यक्रम धूमधाम से संपन्न हुआ इसके लिए आप सब बधाई के पात्र हैं मैं सभी का आभार प्रकट करता हूं।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति कैप्टन डी पी एन सिंह, श्याम सुंदर सिंह पटेल, ईश्वर चंद तिवारी, मुकेश मिश्रा, मोहम्मद शाहिद उस्मानी, जी यादव, बच्चा लाल प्रजापति, बी एन सिंह, बी एल यादव, डी एस पाठक, डी के शुक्ला, ए के सिन्हा, उमेश कुमार, यू के तिवारी, डी के ओझा, नीलम तिवारी, शुरेश चंद्र आदि कई लोग शामिल रहे।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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