रात में को कोई अनजान व्यक्ति डराने प्रयास कर रहा
मुरादाबाद। जनपद के खुशहालपुर गली न 4 बसन्त विहार मुरादाबाद की निवासी प्रार्थिनी का आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी कार्तिका कश्यप का कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विधालय फैजगाज के कक्षा 6 में एडमिशन कराया था। आरोप है कि गर्ल्स हॉस्टल में बच्चों से साफ सफाई कराई जाती है और रात में कोई अनजान व्यक्ति बच्चों को डराने का प्रयास कर रहा है।
दरअसल पीड़ित परिवार का आरोप हैं की लगभग 20 दिन पहले उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ने के लिए मुगलपुरा क्षेत्र कस्तूरबा गांधी गर्ल्स हॉस्टल में भेजा था आरोप है कि उनकी बेटी कार्तिक ने बताया है की हॉस्टल के अंदर कुछ गलत हो रहा है। प्रार्थिनी का कहना है की 26 अप्रैल को वे अपने बच्ची को लेकर कॉलेज से आयी थी क्योंकि मेरे माता- पिता कामाख्या मन्दिर (गुवाहाटी) दिनांक 22.4.2024 को यात्रा पर गये थे में अपनी बेटी कार्तिका से मिलने गई थी उस समय बच्चों का पेपर चल रहा था। मेने देखा कि 4-5 लड़कियाँ बाहर से गर्ल्स हॉस्टल के अन्दर आ रही है, वह लड़कियाँ ड्रेस में न होकर विदाउट यूनिफार्म में थी प्रार्थिनी का आरोप है कि हमने अपने बच्चों की सुरक्षा के बारे में प्रधानाचार्य से पूछा था तो उन्होंने बताया था कि इस गर्ल्स हॉस्टल से बच्चा गेट तक भी बाहर नही जाता ना कोई अंदर आता लेकिन फिर ये बाहर से लड़कियाँ कैसे अंदर आ रही है।
पीड़ित ने फिर भी यह देखकर अपनी बच्ची को दिनांक 24.4.2024 तो वापिस गर्ल्स हॉस्टल भेज दिया फिर उसके बाद बे रविवार को अपनी बच्ची से मिलने के लिए पहुंची
प्रार्थिनी का कहना है कि मेने अपनी बच्ची से बातचीत की
तो मेरी बच्ची बहुत घबराई और सहमी हुई दिख रही थी
क्योंकि मेरे माता-पिता 30/04/2024कामाख्या मन्दिर से यात्रा करके लौटे थे क्योंकि कन्या-पूजन के लिए में अपनी बच्ची को घर लेकर आई थी वही उस दिन मुझसे मैडम ने कहा कि आप बच्ची को नही ले जा सकते उन्होंने कहा अगर शाम तक वापिस छोड़कर जाओ तो बच्ची को ले जाओ अन्यथा मत ले जाओ।
वही प्रार्थिनी का आरोप है की मेरी बेटी ने 2 दिन से कुछ नहीं खाया था मैं इस बारे में स्कूल वालों से पूछा तो उन्होंने मुझे कोई जानकारी नहीं दी साहब मेरी बेटी गुमशुम और डरी हुई थी। मैंने घर आकर अपनी बेटी से पूछा तो मेरी बेटी ने बताया मम्मी मुझे बुखार आ गया था और मैं 2 घंटे के लिए बेहोश हो गई थी। जहाँ पर बच्चे सोते थे वहाँ के कमरों की लाईटें भी बंद रहती थी प्रार्थिनी ने दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि सोमवार की रात मेरी बेटी कार्तिका ने बताया कि मेरे और अन्य चार बच्चियों के अर्धरात्रि में किसी ने बाल भी खींचे थे लेकिन हमें पता नहीं चला की कौन व्यक्ति हे और हम बच्चे रात में रोने लगे। बच्चों का यह भी कहना है की कई बार बच्चों को कोई बाल लटकाकर खिड़कीओ पर डरने का प्रयास कर रहा है जब हमारे बच्चों ने इसकी शिकायत टीचर से की तो उल्टा ही टीचर ने यह कह दिया ऐसा तो होता रहता है कि अगर आप यहाँ से नाम कटाओगे तो तुम्हारे मम्मी-पापा को 03 साल की जेल करा देंगे। प्राथमिक का यह भी कहना है कि जब-जब मैं अपनी बच्ची से मिलने गयी हूँ तो वहाँ का गार्ड कहता है कि आप दोपहर में मत आया करो और यहां पर माता-पिता आ जाना भी मना था। और इस गर्ल्स हॉस्टल के लोग बच्चों से पैनल्टी की भी वसूली कर रहे है पेरेंट्स का कहना है कि हम अपने बच्चों को स्कूल से निकालने को कहते है तो प्रधानाचार्य कहती है हम बच्चों की टी.सी.नही देंगे। आपको बता दे इस घटना के बाद दो दो पीड़ित अभिभावको ने अपनी दो बच्चियों का नाम गर्ल्स हॉस्टल से कटवा दिया है।
दरअसल इस पूरे प्रकरण मे बबीता कश्यप और कोमल सिंह ने मुरादाबाद जिलाधिकारी के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र देते हुए कहां है कि कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विधालय की जाँच कराई जाए और हमें न्याय दिलाने की कृपा की जाए।










