‘ऑपरेशन नन्हें फ़रिश्ते’ के तहत 1 नाबालिग बच्चे को चाइल्ड लाइन को किया सुपुर्द।

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त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट 

प्रयागराज। रेलवे सुरक्षा बल ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के माध्यम से रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में पाए जाने वाले असुरक्षित या संकटग्रस्त बच्चों को बचाती है। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ एक ऑपरेशन से कहीं अधिक उन हजारों बच्चों के लिए एक जीवन रेखा है जो खुद को संकट में पाते है और जिनको सहायता की अवश्यकता है।

‘आपरेशन नन्हे फरिश्ते’ एक महत्वपूर्ण अभियान है जो भारतीय रेलवे क्षेत्रों में देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों को बचाने के लिये पूर्णरूप से समर्पित है। इस अभियान से बाल श्रम एवं तस्करी पर अंकुश लागया गया है । रेलवे सुरक्षा बल द्वारा बच्चों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक ट्रैक चाइल्ड पोर्टल बनाया है एवं बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशनों पर चाइल्ड हेल्प डेस्क स्थापित की हैं । बच्चों को बचाने के बाद जिला बाल कल्याण समिति को सौंपा जाता है, जो उन्हें उनके माता-पिता को सौंपती है ।

दिनांक 19.09.2025 को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज जंक्शन से मिली सूचना पर रेलवे सुरक्षा बल के सहायक उपनिरीक्षक के.पी. मिश्रा ने गाड़ी संख्या 04060 आनंद विहार टर्मिनल – जयनगर को प्रयागराज जंक्शन पर अटेंड किया गया।

इस दौरान सामान्य कोच से एक नाबालिग लड़के को उतारकर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज पर लाया गया। पूछने पर उसने अपना नाम रितेश सिंह पुत्र त्रिभुवन सिंह, उम्र 15 वर्ष, निवासी छपरा जंक्शन रेलवे स्टेशन, बिहार बताया। साथ ही उसने अपने पिता का मोबाइल नंबर दिया और बताया कि वह 15.09.2025 को घर से स्कूल पढ़ने गया था, लेकिन स्कूल से ही घूमने के लिए दिल्ली चला गया और अब दिल्ली से पटना जा रहा था।

उपरोक्त जानकारी मिलने के बाद उपनिरीक्षक ओमवीर सिंह द्वारा प्रयागराज जंक्शन चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित किया गया। बच्चे को सुरक्षित अपने परिजनों से मिलाने के लिए चाइल्ड लाइन के सुपरवाइजर को सुपुर्द किया गया।

रेलवे प्रशासन यात्रियों एवं आमजन से अपील करता है कि किसी भी आपात स्थिति अथवा बाल संरक्षण से संबंधित सूचना मिलने पर तुरंत हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करें।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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