मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट
रामपुर। एसआईआर प्रक्रिया में बड़ी उपलब्धि, 85% काम पूरा, डीएम ने पहले 10 बीएलओ को सम्मानित किया, साथ बैठकर किया दोपहर का भोजन। जिले में चल रही एसआईआर प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है और प्रशासन ने इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा है। मंगलवार को एसआईआर कार्य का 85 प्रतिशत हिस्सा पूरा होने पर जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि को विशेष रूप से मनाया।
रामपुर डीएम अजय द्विवेदी ने जिले में सबसे पहले कार्य पूरा करने वाले 10 उत्कृष्ट बीएलओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान समारोह के बाद डीएम अजय द्विवेदी और एसपी विद्यासागर मिश्र ने इन बीएलओ के साथ भोजन भी किया, जिससे उनका मनोबल और बढ़ गया।
डीएम बोले समय पर पूरा होगा पूरा काम
समारोह के दौरान डीएम अजय द्विवेदी ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए जनपद में 1826 बीएलओ और 200 से अधिक सुपरवाइज़र तैनात किए गए हैं। सभी टीमें लगातार फील्ड में मेहनत कर रही हैं, जिसके चलते उम्मीद है कि पूरी प्रक्रिया समयसीमा के भीतर 100% पूरी कर ली जाएगी।
डीएम ने कहा, “हमारी बीएलओ टीम बेहतरीन कार्य कर रही है। हर व्यक्ति पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने क्षेत्र में कार्य कर रहा है। इसका परिणाम है कि हम तय समय से पहले लक्ष्य हासिल करने की राह पर हैं।”
बीएलओ बोले कठिन परिस्थितियों में भी किया पूरा प्रयास
सम्मानित बीएलओ ने बताया कि एसआईआर कार्य के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
* ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तावेज़ों की सत्यापन प्रक्रिया
* लोगों की उपलब्धता
* मौसम और परिवहन की दिक्कतें
* बड़ी संख्या में घर-घर सत्यापन
लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अत्यधिक मेहनत करते हुए अपना कार्य तय सीमा से पहले पूरा किया। एक बीएलओ ने कहा, “हमने दिन-रात मेहनत की। कई बार समय से पहले उठकर फील्ड में पहुंचना पड़ा, लेकिन लक्ष्य स्पष्ट था— समय पर और सटीक डेटा जमा करना।”
प्रशासन ने जताई सराहना
डीएम और एसपी ने सभी बीएलओ की मेहनत की खुलकर प्रशंसा की और कहा कि उनकी निष्ठा और कार्यशैली के कारण ही जिले में एसआईआर प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों को आगे भी सम्मानित किया जाएगा।
एसआईआर प्रक्रिया चुनावी व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ऐसे में रामपुर की यह उपलब्धि आने वाले समय में जनपद को राज्य में एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर सकती है।










