नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में त्रिवेणी बाँध पर जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण, अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ तीसरे दिन भी अनवरत जारी।

नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में त्रिवेणी बाँध पर जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण, अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ तीसरे दिन भी अनवरत जारी।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में त्रिवेणी बाँध पर जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण, अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ तीसरे दिन भी अनवरत जारी। विश्व जन कल्याण, सर्व मनोकामना पूर्ति एवं भूतभवान भगवान शिव को समर्पित अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण विर्सजन महायज्ञ आज तीसरे दिन भी त्रिवेणी बाँध स्थित श्री गायत्री यज्ञशाला मन्दिर हण्डिया बाबा योगालय के बगल अनवरत जारी रहा। यज्ञस्थल पर आज प्रतीक्षा पाण्डेय ने मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित होकर भूतभावन भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया।

यज्ञ संयोजक एवं संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्याम सूरत पाण्डेय ने कहा की सनातन धर्म में भगवान शिव को सर्वशक्तिमान माना गया है। इनकी तुलना किसी अन्य देवता से नहीं की जा सकती। सृष्टि की रचना करने वाले भगवान विष्णु भी इनकी अराधना करते हैं। माना जाता है कि संसार पर जब घोर संकट आता है तो सभी देवी देवता भगवान शिव के ही शरण में जाते हैं। शिव ही अविनाशी, सर्वगुणाधार, सर्वज्ञ हैं, जो मंगलमय है वही शिव हैं। धरती पर सुख, समृद्धि व संपन्नता भगवान शिव की ही देन है। कहते हैं जब भगवान विष्णु ने धरती पर प्रभु श्रीराम का अवतार लिया तो उन्होंने शिव जी की ही आराधना की। इसी प्रकार जब भगवान कृष्ण जी धरती पर आए तो उन्होंने भी शिव को ही सर्व व्यापक बतलाया। संस्था के प्रवक्ता एवं महासचिव सत्य प्रकाश पाण्डेय ने बताया की हिंदू धर्म में सभी देवी देवताओं में भगवान शिव को प्रसन्न करना सबसे आसान भी है और कठिन भी। शिवजी फल, प्रसाद के इतर एक लोटा जल से ही प्रसन्न हो जाते हैं, इसलिए इन्हें भोलेनाथ कहा जाता है। लेकिन पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऋषि मुनियों समेत रावण को भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कड़ा तप करना पड़ा था। शास्त्रों में भी शिव पूजा को बहुत खास माना गया है। मान्यता है कि भोलेनाथ प्रसन्न होकर अपने भक्तों की हर मनोकामना को शीघ्र पूरा कर देते हैं। शिव जी की पूजा से कई जन्मों का फल प्राप्त होता है। कन्याएं 16 सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव की अराधना करती हैं तो उन्हें उनकी पसंद के अनुसार शादी के लिए वर मिलता है। श्री पाण्डेय ने समस्त शिवभक्तों से यज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव के कृपा पात्र बनने की अपील किया।

सम्पूर्ण सावन मास तक अनवरत चलने वाले अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ के आज तीसरे दिन के रुद्राभिषेक आरती एवं विसर्जन में मुख्य रूप से अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मधु चकहा, राजनाथ तिवारी, डॉ० सत्या पाण्डेय, संजय बनकटा, अधिवक्ता सत्य प्रकाश पाण्डेय, अधिवक्ता दुर्गेश दुबे, मधुबाला पाण्डेय, संजय मिश्र, आशा पाण्डेय सहित सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे। यज्ञ अनवरत जारी रहेगा।

AT Samachar
Author: AT Samachar

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai