Prayagraj के स्टैच्यू रोड के सागर परिवार की लड़ाई में पिस रहे सिविल लाइंस के किराएदार। पत्रिका मार्ग पर PDA की कार्रवाई से Momo Castle और kulhad cafe सील, दुकानदारों का लाखों का नुकसान – किराएदारों का आरोप, पारिवारिक रंजिश में कराई गई झूठी शिकायत
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। Prayagraj के स्टैच्यू रोड के सागर परिवार की लड़ाई में पिस रहे सिविल लाइंस के किराएदार। सिविल लाइंस के पत्रिका मार्ग पर चल रही दो मशहूर दुकानें – Momo Castle और kulhad Cafe – इन दिनों सागर परिवार के आपसी पारिवारिक विवाद की भेंट चढ़ गई हैं। किराएदारों का आरोप है कि स्टैच्यू रोड निवासी सागर परिवार के एक पक्ष ने PDA में झूठी शिकायत कर उनकी दुकानों को सील करा दिया है, जिससे उनका रोजगार ठप हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित दुकानदारों के अनुसार, वे पिछले कई सालों से पत्रिका मार्ग स्थित सागर परिवार की प्रॉपर्टी में वैध किरायानामा पर कारोबार कर रहे हैं। परिवार में दो पक्षों में प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी विवाद में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष को नुकसान पहुंचाने के लिए PDA को गुमराह कर दुकानों के खिलाफ शिकायत कर दी। PDA की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों दुकानों को सील कर दिया।
“हमने किराया कभी नहीं रोका, हमारा विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन मालिकों की लड़ाई में हमें बली का बकरा बनाया जा रहा है। सीलिंग से हमारा लाखों का माल खराब हो रहा है और स्टाफ बेरोजगार हो गया है।” – पीड़ित दुकानदार
शिकायत करने वाले पक्ष के बेटे पर क्या है रिकॉर्ड?
अमेरिकी कोर्ट के सार्वजनिक रिकॉर्ड (http://fcpaprofessor.com , Dated: 26 Sept 2025) के अनुसार, इस मामले से जुड़े बताए जा रहे शक्ति सागर का बेटा विकास सागर का नाम एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मामले में आ चुका है।
रिकॉर्ड के अनुसार
विकास सागर – भारत के नागरिक, अमेरिका के स्थायी निवासी और दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में McKinsey & Company के पूर्व Partner और Senior Partner थे। दिसंबर 2024 में McKinsey and Company Africa (Pty) Ltd. ने दक्षिण अफ्रीका में कथित रिश्वत योजनाओं को लेकर $61.4 मिलियन (लगभग 510 करोड़ रुपये) की FCPA (Foreign Corrupt Practices Act) कार्रवाई का निपटारा किया था। इस मामले में मुख्य आचरण विकास सागर से संबंधित बताया गया। इसी आचरण में अमेरिकी DOJ ने दिसंबर 2022 में उनके खिलाफ आपराधिक आरोप दायर किए थे, जिसमें उन्होंने FCPA के एंटी-ब्राइबरी प्रावधानों के उल्लंघन की साजिश का दोष (Guilty Plea) स्वीकार किया था।
24 सितंबर 2025 को अमेरिकी अदालत (Colleen McMahon) ने उन्हें Time Served (पहले से काटी गई हिरासत अवधि के बराबर) की सजा, $250,000 (लगभग 2.1 करोड़ रुपये) का जुर्माना और सजा के 72 घंटे के भीतर भारत लौटने का आदेश दिया था। साथ में 3 साल की Supervised Release भी लगाई गई थी।
दुकानदारों की मांग
किराएदारों ने जिलाधिकारी और PDA के उपाध्यक्ष से मांग की है कि पारिवारिक लड़ाई की आड़ में की गई इस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की जाए और निर्दोष किराएदारों की दुकानों को तुरंत डी-सील किया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि शिकायत झूठी पाई जाती है तो झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई हो।
PDA और पुलिस का पक्ष
इस संबंध में PDA अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। यदि किराएदारों के पास वैध दस्तावेज हैं तो वे अपना पक्ष रख सकते हैं।









