सांस्कृतिक रंगों में रंगा नाद-ब्रह्म शिल्प मेला, कलाकारों ने मोहा मन।

सांस्कृतिक रंगों में रंगा नाद-ब्रह्म शिल्प मेला, कलाकारों ने मोहा मन।

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त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। सांस्कृतिक रंगों में रंगा नाद-ब्रह्म शिल्प मेला, कलाकारों ने मोहा मन। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित नाद-ब्रह्म शिल्प मेला के अंतर्गत शिल्प मेले के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को भारतीय लोकपरंपरा और साहित्य की जीवंत अनुभूति कराई। लोकगीत, देवी गीत, भजन और विचारों के संगम से सजी इस सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत भानु प्रताप सिंह ने देवी गीतों से की। उन्होंने “मेरी नैया में लक्ष्मण राम”, “पिया वचवा के लतनि ढोलावल करु” तथा “कहके काली रंग कोयलिया” की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके उपरांत वशिष्ठ मिश्रा ने “रघुराई हे रघुराई”, “हम कथा सुनाते”, “मोको कहाँ ढूंढें रे बंदे” एवं “रंग महल के दस दरवाजे” प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब प्रशंसा बटोरी।

इसके बाद आश्रया द्विवेदी ने देवी गीत “लाल रंग सिंदुरुआ बा” से प्रस्तुति की शुरुआत की। उन्होंने “हे गंगा मईया तोहे पिपरी चढ़ईबू”, “सईयां से कईदे मिलनवा”, “अहिए पिया परदेसिया”, “झुलवे झूलनवा ना” तथा “हमके मेलवा घुमाई द हमार सजना” की सशक्त प्रस्तुति देकर दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।

कार्यक्रम की अगली कड़ी में आयोजित साहित्यिक संगोष्ठी में डॉ. रविनंदन सिंह ने “माघ मेला : वसुधैव कुटुम्बकम के घोष का स्वर” विषय पर विचार रखते हुए कहा कि कल्पवास भारतीय संस्कृति की प्रयोगशाला है, जहां जड़ और चेतन मिलकर मनुष्यता का पुनर्सृजन करते हैं। वहीं शिशिर सोमवंशी ने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम” की भारतीय अवधारणा समस्त प्राणियों के सह-अस्तित्व और विविधता के सम्मान की स्थापना करती है, जो आज विश्व शांति और पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में और अधिक प्रासंगिक हो गई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत जबावी बिरहा में श्याम लाल बेगाना, प्रियंका माधुरी, मुशर्रफ अली, विभव शंकर एवं सीमा ने लोकगीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।

केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने सभी कलाकारों को पुष्पगुच्छ एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन देवेश कुमार पाण्डेय ने किया।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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