प्रयागराज। “नवयुग खादी-परंपरा से प्रगति की राह” थीम पर आयोजित खादी प्रदर्शनी माघ मेला 2026 का हुआ भव्य शुभारंभ। खादी प्रदर्शनी का महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने फीता काटकर दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया एवं प्रदर्शनी में लगे विभिन्न खादी एवं ग्रामोद्योग से संबंधित स्टॉलों का अवलोकन मुख्य अतिथि ने किया। खादी से जुड़े कारीगरों, बुनकरों एवं उद्यमियों से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की तथा खादी को आत्मनिर्भर भारत की पहचान बताते हुए उसके महत्व पर अपने विचार साझा
किए।

मुख्य अतिथि महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत, रोजगारसृजन और राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है। ऐसी प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ युवाओं को खार्दी से जोड़ने का कार्य करती है। खादी आंदोलन को आगे बढ़ाने हेतु सभी को आगे आकर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। इस सफल आयोजन के लिए आयोजकों, सहभागियों एवं सभी सहयोगकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दी।

खादी और ग्रामोद्योग आयोग भारत सरकार के सौन्जय से राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी को किला चौराह से नये पुल के त्रीवेणी मार्ग उत्तरी पटरी पर प्रारम्भ किया गया है। इस प्रदर्शनी में दस राज्यों के खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पाद लाये गये है। विगत 20 वर्षों से शुद्ध खादी वस्त्र प्रयागवासी, संत महत्मा के लिए खादी के कारीगर बना कर लाते है। पवित्र नगरी में इन वस्त्र की विकी कर पुनः विभिन्न प्रान्तों में ग्रामीण रोजगार प्रदान की जाती है। इस प्रदर्शनी में नागालॅण्ड की अण्डी, मूगा, बंगाल के सिल्क के साथ-साथ वाराणसी के सिल्क उत्पाद उपलब्ध है। ग्रामोद्योगी उत्पाद आवला, नमकीन, अंचार, इत्यादि गुणवत्ता के साथ लगाई गई है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति में प्रिति सिंह व ग्रुप द्वारा डांडिया नृत्य मयूर नृत्य आदि प्रस्तुति किया गया। प्रस्तुति ने लोंगो का मन मोह लिया इस अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अधिकारियों के साथ-साथ संस्था के प्रतिनिध भी मौजूद रहे।










