लखीसराय,बिहार। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार “अजीत डोभाल” के जन्म दिन पर पर्यावरण भारती द्वारा फलदार वृक्ष अमरूद लगाया गया। पौधारोपण का नेतृत्व पेड़ उपक्रम प्रमुख हिमालय ने किया। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि भारत महापुरूषों का देश है। देश की सुरक्षा हेतु अपने प्राणों की बाजी लगाकर कार्य करने वाले महामानव ही भारत माता के सच्चे सपूत हैं। उन्हीं में एक हैं— राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल।
अजीत डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के घीड़ी बेनल्स्यूँ गाँव में हुआ था। अर्थशास्त्र से एम0 ए0 की पढ़ाई के बाद केरल कैडर के आई0 पी0एस0 बने। कम उम्र में कीर्ति चक्र से सम्मानित हुए। मिजोरम और पंजाब में भी नौकरी किये। 1988 में स्वर्ण मंदिर अमृतसर में छिपे उग्रवादियों के खात्मा हेतु आपरेशन ब्लैक थंडर में अजीत डोभाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाये। उन्होंने 1999 के कंधार विमान अपहरण में भी उल्लेखनीय योगदान दिये। भारत के इंटेलिजंस ब्यूरो (IB) के निदेशक के पद पर भी अजीत डोभाल कार्य किये। पाकिस्तान में 7 वर्षों तक मुस्लिम के वेष में रहकर खुफिया विभाग का कार्य किये।

अजीत डोभाल नौकरी से अवकाशप्राप्त होने के बाद 30 मई 2014 को भारत के 5 वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त हुए। पाकिस्तान में घुस कर ऑपरेशन सिंदूर को सफल बनाने में अजीत डोभाल का नेतृत्व सराहनीय हैं। 100 से अधिक पाकिस्तानी आतंकवादियों को समाप्त करने में सफलता प्राप्त हुई। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र भाई मोदी जी के सबसे अधिक विश्वासपात्र ” अजीत डोभाल ” हैं। अजीत डोभाल राष्ट्रवादी विचार में विश्वास रखते हैं। वे राष्ट्र सर्वोपरि के सिद्धांत पर कार्य करते हैं। सुरक्षा हेतु वे सदैव सावधान रहते हैं। अतः अजीत डोभाल आज भी मोबाइल तथा इन्टरनेट का उपयोग बहुत कम करते हैं। ऐसे देशभक्त महामानव के जन्म दिन पर पौधारोपण स्मरणीय कार्य है।
पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में ज्ञाननाथ झा, रोहित कुमार, हिमालय, ओम संगम, अजय कुमार, दीपक कुमार, आर्यन अभिषेक, राम बिलास शाण्डिल्य, अक्षत राज,दीपक कुमार इत्यादि ने भाग लिए।










