नृत्य नाटिका में दिखी गंगा अवतरण की कहानी।

नृत्य नाटिका में दिखी गंगा अवतरण की कहानी।

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त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट 

प्रयागराज। नृत्य नाटिका में दिखी गंगा अवतरण की कहानी। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित शिल्प मेले के तहत सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। पूजा अग्रवाल एवं साथी कलाकारों ने ‘गंगा अवतरण’ नृत्य नाटिका की शानदार प्रस्तुति दी। नृत्य नाटिका में भारतीय पौराणिक कथा गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की दिव्य गाथा को अत्यंत भावनात्मक और आकर्षक शैली में प्रस्तुत किया गया। सशक्त अभिनय, भावपूर्ण नृत्य और सजीव मंच संयोजन के माध्यम से कलाकारों ने कथा को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। से दर्शकों का दिल जीत लिया।

गंगा की भूमिका तेजस्वी गोयल ने अत्यंत भावपूर्ण अभिनय के साथ निभाई। भगवान शिव का किरदार संघमित्रा, श्रेया भागीरथी की भूमिका में ब्रह्मा जी की भूमिका श्रद्धा, और ममता ने अपने उत्कृष्ट नृत्य के माध्यम से दी। इसके बाद मनीषा निरखी ने राम तेरी गंगा मैली हो गई … पापियों के पाप धोते धोते, सुनता है गुरु ज्ञानी गगन में आवाज हो रही है झीनी झीनी तथा इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद राजनारायण ने निर्गुण गायन की प्रस्तुति दी। जबावी बिरहा में राधेश्याम, जगत बहादुर, अरुण कुमार मौर्या, विजय शंकर, बसन्त लाल यादव एवं रामानंद ने बिरहा की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन रुचि दुबे ने किया। कार्यक्रम सलाहकार ने सभी कलाकारों को पौधा देकर सम्मानित किया।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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