लखीसराय,बिहार। संत शिरोमणि गुरू रविदास जी के 649 वीं जयंती पर पर्यावरण भारती द्वारा फलदार वृक्ष आम का पौधारोपण हुआ। पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी अक्षत राज ने किया। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि भारतीय संत के माध्यम से भक्ति आंदोलन के द्वारा समाज सुधार का कार्य हुआ। उनमें संत रविदास जी ने समाज में व्याप्त भेदभाव को मिटाने के लिए अथक प्रयास किये। यही नहीं मानव में प्रेम और समानता का मार्ग दिखाने के लिए संत शिरोमणि रविदास जी ने अपना जीवन समर्पित किये। उनका जन्म माघ माह के पूर्णिमा को वाराणसी के सीरगोवर्धन में 649 वर्ष पूर्व हुआ था। उनको संत रैदास के नाम से भी जाना जाता है। उनकी प्रमुख शिष्या साध्वी मीरा बाई थीं। साध्वी मीरा बाई का प्रसिद्ध भजन—–” मेरे तो गिरिधर गोपाल ” है।
संत रविदास जी ने कहा कि ” मन चंगा तो कठौती में गंगा “। संसार के मानव को उन्होंने प्रयास किया कि मन को शुद्ध एवं पवित्र बनायें। सनातन परंपरा में माघ माह की पूर्णिमा को गंगाजी में स्नान करना पुनीत कार्य है। परन्तु अभावग्रस्त मानव को दान सबसे बड़ा पुनीत कार्य है। संत रविदास जी ने कहा कि” ऐसी वाणी बोलिये,मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहु शीतल होय”।उनका संदेश था कि ” मानव वाणी और व्यवहार से पूरे संसार को जीत सकते हैं। ” संत शिरोमणि रविदास जी के जन्म दिवस पर पौधारोपण स्मरणीय कार्य है।
पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में अक्षत राज, रियांश कुमार,नीतिश कुमार, सन्नी कुमार, गोपाल कुमार, संजय कुमार रविदास, हरिनंदन पासवान, दिनेश मल्लिक इत्यादि ने भाग लिए।










