प्रचंड में किए गए सैन्य अभियान ने मुझे राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं पर नए सिरे से गर्व का अनुभव कराया है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। भारत के राष्ट्रपति ने जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी।भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज (27 फरवरी, 2026) राजस्थान के जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी। इससे पहले, उन्होंने 2023 और 2025 में क्रमशः सुखोई 30 एमकेआई और राफेल में उड़ानें भरी थीं। यह मिशन दो विमानों के हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) के रूप में किया गया था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ के साथ पहले विमान में उड़ान भरी, जबकि वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ग्रुप कैप्टन ए महेंद्र दूसरे विमान में नंबर 2 के रूप में थे। लगभग 25 मिनट के इस मिशन के दौरान, उन्होंने गडिसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी और एक टैंक लक्ष्य पर हमला किया।


बाद में आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने संक्षिप्त टिप्पणी लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, जिसमें उन्होंने कहा, “भारत के स्वदेशी रूप से विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरना मेरे लिए एक समृद्ध अनुभव रहा। इस उड़ान ने मुझे राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं पर नए सिरे से गर्व का अनुभव कराया है। मैं भारतीय वायु सेना और जैसलमेर वायुसेना स्टेशन की पूरी टीम को इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए बधाई देती हूं।” शाम को राष्ट्रपति जैसलमेर में भारतीय वायु सेना के वायु शक्ति अभ्यास को देखेंगी।










