जमुई, बिहार। जन औषधि दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा देव वृक्ष बरगद का पौधारोपण हुआ। पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण जमुई नगर संयोजक वैद्य दीपक कुमार मोदी ने किया।
पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक और अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि वट वृक्ष (बरगद) की आयु संसार में सबसे अधिक होती है। महाभारत काल का अक्षय वट वृक्ष कुरूक्षेत्र में 5,000 वर्षों से अधिक आयु का है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता के ” इंडियन बोटनिकल गार्डन ” में 255 वर्षों से अधिक आयु का विशाल वट-वृक्ष (Great Banyan Tree) है, जो 5 एकड़ भूभाग पर फैला हुआ है। यह एक पेड़ है, परन्तु 2,800 जडें हैं। इस वट-वृक्ष की देखभाल हेतु 13 वनकर्मी हैं।
बरगद वृक्षों में राजा है। यह मानव जीवन एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण है।
वट-वृक्ष औषधीय गुणों से भरपूर है
1= बरगद के दूध को शहद या चीनी के साथ खाली पेट में लेने से कैल्शियम की कमी पूरी होती है।
2= बरगद के दूध में एंटीबायोटिक गुण होने के कारण घाव, जोड़ों के सूजन तथा कटे- फटे त्वचा में आराम मिलता है।
3= बरगद के कोमल पत्ते या दूध का पेस्ट चेहरे पर लगाने से कील- मुँहासे ठीक होते हैं।
4= बरगद के टहनियों के दातुन से दाँतों की समस्या, पायरिया एवं मसूड़ों के सूजन में लाभप्रद है।
5= बरगद छाल के काढ़ा से दस्त ठीक होता है।
6= बरगद के जटाओं के पाउडर से बालों का झड़ना ठीक होता है।
वट-वृक्ष विशाल होने के कारण भरपूर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। अतः इसकी शीतल छाया में बैठने से मन को शान्ति मिलती है। भारत में प्राचीन काल से ही बरगद को देव वृक्ष के रूप में पूजा जाता है। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को वट सावित्री व्रत भारत नारी शक्ति बरगद पेड़ के नीचे संपन्न करतीं हैं। इसलिए प्रत्येक मानव को जीवन में कम से कम एक देव वृक्ष बरगद को लगाना चाहिए और 5 वर्षों तक सुरक्षा करना पुनीत कार्य है।
पत्रकार तथा अवकाशप्राप्त प्रोफेसर राम जीवन साहू ने बताया कि 7 मार्च 2019 को भारत में पहली बार ” जन औषधि दिवस ” मनाया गया। इसका उद्देश्य है। भारत के सामान्य नागरिकों के लिए सस्ती एवं अच्छी गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाओं के उपयोग को बढ़ावा देना। ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 80 % तक सस्ती दवा जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध होती है। जबकि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना की शुरुआत नवंबर 2008 में हुई थी। देश में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं। 2027 में 25,000 जन औषधि केंद्र खो?ने का लक्ष्य है। ऐसे सुअवसर पर औषधीय तथा देव वृक्ष बरगद का पौधारोपण स्मरणीय कार्य है।
पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में प्रोफेसर राम जीवन साहू, वैद्य दीपक कुमार मोदी, अंकित पंडित, इंजीनियर नवीन कुमार साह, श्रीमति मधु भालोटिया, सरिता कुमारी साह, इंजीनियर कशीश कुमारी केशरी, सविता कुमारी, किरण कुमारी, कृष्णा कुमारी, शुभम, सत्यम इत्यादि ने भाग लिए।










