“जब जायेंगे भाजपाई, तभी घटेगी महंगाई “ महज नारा नहीं बल्कि महंगाई से त्रस्त जनता के दिल की आवाज
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। रसोई गैस के दाम बढ़ने पर सपा ने केंद्र सरकार को घेरा। देश में रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नारे “जब जायेंगे भाजपाई, तब घटेगी महंगाई “को देश कीमहंगाई से पीड़ित और त्रस्त जनता के दिल की आवाज बताते हुए सपा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। सपा के प्रदेश प्रवक्ता दान बहादुर मधुर का कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम जनता, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग की रसोई पर सीधा असर पड़ेगा और पहले से बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला लोगों की परेशानियां और बढ़ाने वाला है।
सपा के प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने गैस की कीमतों में वृद्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सरकार पर जनता से किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है और आम आदमी की आय के मुकाबले खर्च तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने सपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नारे, “जब जाएंगे भाजपाई, तभी घटेगी महंगाई।” को देश एवं प्रदेश की आम जनता के दिल की आवाज बताया। समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों का बोझ सीधे आम जनता पर डाला जा रहा है। उनका कहना है कि रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से घर का बजट बिगड़ गया है। सपा नेताओं के अनुसार, ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों के लिए रसोई गैस पहले ही महंगी हो चुकी है, ऐसे में कीमतों में नई बढ़ोतरी से कई परिवारों को फिर से पारंपरिक ईंधन की ओर लौटने की मजबूरी हो सकती है।
सपा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव के समय महंगाई कम करने और जनता को राहत देने के बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी की जाती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार को महंगाई पर नियंत्रण करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और रसोई गैस जैसी जरूरी वस्तुओं के दाम कम करने चाहिए।
समाजवादी पार्टी का दावा है कि महंगाई और बढ़ती गैस-पेट्रोल की कीमतें आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनेंगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता महंगाई से परेशान है और इसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है।










