स्व0 वैद्य हर गोविंद मिश्र “रंजन ” के पुण्य स्मृति में पर्यावरण भारती द्वारा फलदार वृक्ष आम के 1 तथा जामून के 4 पौधे लगाए गए।

स्व0 वैद्य हर गोविंद मिश्र "रंजन " के पुण्य स्मृति में पर्यावरण भारती द्वारा फलदार वृक्ष आम के 1 तथा जामून के 4 पौधे लगाए गए।

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मननपुर, चानन, लखीसराय,बिहार। स्व0 वैद्य हर गोविंद मिश्र “रंजन ” के पुण्य स्मृति में पर्यावरण भारती द्वारा फलदार वृक्ष आम के 1 तथा जामून के 4 पौधे लगाए गए। पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी शक्ति कुमार महतों ने किया। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि वृक्ष संसार के मानव के हितैषी हैं। पेड़ स्वयं गर्मी को सहन कर अपनी छाया में बैठे लोगों को शीतलता प्रदान करते हैं। अतः भारत में प्राचीन काल से ही वृक्षों की पूजा किया जाता है। शनिवार को देव वृक्ष पीपल को जल अर्पित किया जाता है। तुलसी के पौधों को आँगन में लगाकर पूजा किया जाता है। बरगद (वट-वृक्ष) की पूजा वट सावित्री व्रत में किया जाता है। हिमालय को देव और नदियों को माता मानकर वंदन किया जाता है। भारत में प्रकृति की पूजा एवं वंदना करने की परंपरा है। इसलिए विदेशी अंग्रेज ने भारत को सपेरों का देश कहा। परन्तु वर्तमान समय में ईरान-अमेरिका महायुद्ध के समय दुनियाभर के मानव का ध्यान भारत पर है। विश्व शान्ति का नेतृत्व भारत ही करेगा।

पर्यावरण संरक्षण से ही मानव जीवन सुरक्षित होगा। दूसरा कोई विकल्प विज्ञान के पास नहीं है। मत्स्य पुराण के 512 वाॅ श्लोक में वर्णित है—“10 कुओं के बराबर एक बावड़ी, 10 बावड़ियों के बराबर एक तालाब, 10 तालाबों के बराबर एक पुत्र और 10 पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है। “अतः संसार के प्रत्येक मानव को जीवन में कम से कम 10 पेड़ अवश्य लगाना चाहिए एवं 5 वर्षों तक सुरक्षा आवश्यक है। जंगलों की अंधाधुंध कटाई के कारण ही बिहार राज्य के रोहतास और जमुई जिला में जंगली हाथियों का आतंक ग्रामीणों को झेलना पड़ रहा है। अतएव पर्यावरण बचाना है वृक्षारोपण करना है।

इटौन पंचायत के ख्यातिप्राप्त वैद्य स्व0 हर गोविंद मिश्र ” रंजन ” के पोता रमेश चंद्र मिश्र “सुमन” ने बताया कि बाबा हर हर गोविंद मिश्र जी समाजसेवी और वैद्य थे। उन्होंने अपना भूमि दान कर माँ सरस्वती की मंदिर बनाये। इसके बाद माँ काली और मननपुर में प्रसिद्ध माँ दुर्गा मंदिर बनाये। वे साहित्यकार और कवि भी थे। बाबा हर गोविंद मिश्र ” रंजन ” ने रोगियों के ईलाज हेतु इटौन गाँव में 1940 ई में ” अमरकोट आयुर्वेद भवन ” का निर्माण किये। वर्तमान समय में उनका पोता वैद्य चंचल कुमार मिश्र चला रहे हैं।

बाबा हर गोविंद मिश्र के 5 पुत्र थे–1= नरेश चंद्र मिश्र “भंजन “,2= अखिलेश चंद्र मिश्र,3= निखिलेश चंद्र मिश्र, 4= विमलेश चंद्र मिश्र ” वेणु” तथा 5= वागीश चंद्र मिश्र “राजाजी” ।बाबा हर गोविंद मिश्र के सभी पुत्र वैद्य थे। इटौन पंचायत के बड़े-बुजुर्ग आज भी स्व0 वैद्य हर गोविंद मिश्र “रंजन ” को स्मरण करते हैं। उनके पुण्य स्मृति में फलदार वृक्ष लगाना पुनीत कार्य है।

पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में रणजीत कुमार महतों, शक्ति कुमार महतों, प्रिया कुमारी, ज्योति कुमारी, संध्या कुमारी, संजना कुमारी राज नंदिनी कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, राम बिलास शाण्डिल्य, निवास चंद्र मिश्र,भूषण चंद्र मिश्र, सोनू मिश्र, रितेश कुमार मिश्र,सुनील, गौरव राज, प्रयांशु, अक्षय, आयूष, आनंद, अर्जुन, सत्यम, देव, संदीप, प्रिंस, सुमित, राजेन्द्र इत्यादि ने भाग लिये।

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Author: AT Samachar

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