ATS रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
जिला पंचायत भोपाल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी इला तिवारी ने कहा है कि कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों की प्रभावी प्राप्ति के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग तक उनका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के अवसरों की जानकारी अंतिम छोर तक पहुँचाकर अधिक से अधिक युवाओं, विशेषकर महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जा सकता है। इला तिवारी मंगलवार को शासकीय संभागीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, गोविंदपुरा में आयोजित जिला कौशल समिति की बैठक को संबोधित कर रही थीं। बैठक में जिले में संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों, रोजगारोन्मुखी योजनाओं तथा हितग्राही मूलक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए भावी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में आगामी 12 जून को यूएन वूमेन के ‘वी स्टेम’ कार्यक्रम के अंतर्गत 100 से अधिक पदों तथा 16 जून को ट्राइडेंट बुधनी द्वारा आयोजित 500 से अधिक पदों वाली मेगा महिला-केंद्रित प्लेसमेंट ड्राइव में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं तथा आठवीं, दसवीं और बारहवीं उत्तीर्ण बालिकाओं एवं महिलाओं को इन अवसरों से जोड़ने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। जनकल्याण शिविरों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में भी कौशल विकास योजनाओं एवं आईटीआई प्रवेश संबंधी जानकारी के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आईटीआई में अध्ययनरत विद्यार्थियों की समग्र प्रोफाइल तैयार करने के लिए ‘हर्ष पोर्टल’ पर उनकी जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम तथा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम के तहत निर्धारित लक्ष्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत लंबित ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं हितग्राहियों को समय पर ऋण वितरण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्राचार्य आईटीआई ने बताया कि संस्थान द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में कई नवाचार किए जा रहे हैं। थिंक गैस के साथ हुए एमओयू के तहत 9 एवं 10 जून को प्रशिक्षणदाताओं के लिए दो दिवसीय टीओटी कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के अंतर्गत ‘ड्रोन तकनीशियन’ तथा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत ‘सोलर तकनीशियन’ प्रशिक्षण कार्यक्रमों में लगभग 250 प्रशिक्षणार्थियों कोएनआईईएसबीयूडडी के सहयोग से प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षणार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के तहत नगर निगम के रीसाइक्लिंग प्लांट का भ्रमण भी कराया गया।जिले के अधिक से अधिक प्रतिभाशाली युवाओं को वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के लिए तैयार कर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। बैठक में जिले की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन विकसित करने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) एवं मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) को संयुक्त रूप से ‘स्किल गैप एनालिसिस’ कराने के निर्देश दिए गए। इस सर्वेक्षण के माध्यम से जिले में कुशल मानव संसाधन की मांग और उपलब्धता का आकलन कर उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।










