हथकरघा क्षेत्र को मिलेगा नया संबल, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दें विशेष ध्यान- राकेश सचान।

हथकरघा क्षेत्र को मिलेगा नया संबल, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दें विशेष ध्यान- राकेश सचान।

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मंत्री राकेश सचान ने उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम, यूपिका एवं हथकरघा-वस्त्रोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी)

लखनऊ। हथकरघा क्षेत्र को मिलेगा नया संबल, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दें विशेष ध्यान- राकेश सचान। प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने मंगलवार को विधान भवन स्थित सभा कक्ष संख्या-80 में उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम, यूपिका तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, निगमों के संचालन, बुनकर कल्याण कार्यक्रमों, उत्पादन, विपणन, वित्तीय स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान मंत्री सचान ने कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, बेहतर विपणन और प्रभावी योजनाओं के माध्यम से नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख आधार है। इसलिए विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए। योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिन परियोजनाओं में किसी स्तर पर विलंब हो रहा है, उनका तत्काल समाधान कर कार्यों में तेजी लाई जाए।

मंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम एवं यूपिका के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में निर्मित हथकरघा एवं वस्त्र उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित किया जाए। उन्होंने उत्पादों की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मार्केटिंग को और सुदृढ़ बनाने, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ाव बढ़ाने तथा नए बाजारों की तलाश करने के निर्देश भी दिए।

सचान ने कहा कि बदलते समय के साथ बुनकरों को आधुनिक तकनीक, नवीन डिजाइन, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा बेहतर मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश के हथकरघा उत्पाद वैश्विक बाजार में भी अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बुनकरों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और योजनाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक विलंब के उपलब्ध कराएं।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय, निगमों की वित्तीय स्थिति, उत्पादन एवं विपणन संबंधी उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मंत्री ने प्रत्येक बिंदु की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि विभागीय कार्यों में समन्वय, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित कर निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा उद्योग को नई ऊर्जा देने, बुनकरों की आय बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। सरकार की प्राथमिकता है कि उत्तर प्रदेश का हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करे।

बैठक में प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर, विशेष सचिव डॉ. शेषमणि पांडेय सहित हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम, यूपिका तथा संबंधित संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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