अंजान व्यक्ति को हॉटस्पॉट देना पड़ सकता है भारी कुछ मिनटों की मदद डिजिटल सुरक्षा के लिए न बन जाए बड़ा खतरा

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ATS रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन, भोपाल, मध्यप्रदेश

आज मोबाइल इंटरनेट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। ऐसे में कई बार कोई अनजान व्यक्ति इंटरनेट की जरूरत बताकर मोबाइल हॉटस्पॉट मांग लेता है। मदद करना अच्छी बात है, लेकिन बिना सावधानी के हॉटस्पॉट साझा करना डिजिटल सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। हॉटस्पॉट का पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति को देने पर वह आपके मोबाइल के इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल कर सकता है। इससे आपका डेटा तेजी से खत्म हो सकता है और नेटवर्क की गलत या संदिग्ध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी रहती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि जरूरत पड़ने पर भी हॉटस्पॉट को मजबूत पासवर्ड के साथ सीमित समय के लिए ही साझा करें। काम पूरा होते ही हॉटस्पॉट बंद कर दें और समय-समय पर उसका पासवर्ड बदलते रहें। सबसे जरूरी बात यह है कि अनजान व्यक्ति को अपना मोबाइल अनलॉक करके न दें और OTP, बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, निजी फोटो या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें। भारत सरकार के साइबर सुरक्षा पोर्टल भी अनजान लोगों के साथ निजी जानकारी साझा करने से बचने और विश्वसनीय नेटवर्क पर ही संवेदनशील कार्य करने की सलाह देते हैं।

सावधानी बरतें हॉटस्पॉट का पासवर्ड मजबूत रखें। जरूरत खत्म होते ही हॉटस्पॉट बंद करें। अनजान व्यक्ति को मोबाइल हाथ में न दें। OTP, UPI PIN और बैंकिंग पासवर्ड कभी साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत कनेक्शन हटाएं। साइबर ठगी होने पर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत करें। डिजिटल दुनिया में छोटी-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। हॉटस्पॉट देना अपने आप में कोई अपराध नहीं है, लेकिन किसे, कितनी देर और किस तरीके से इंटरनेट साझा किया जा रहा है, इस पर सावधानी जरूरी है। तकनीक सुविधा के लिए है, इसलिए सुविधा के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना ही समझदारी है। संदेश — “मदद करें, लेकिन डिजिटल सुरक्षा से समझौता न करें।”

 

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