लखीसराय, बिहार। माँ तारा देवी के पुण्य स्मृति तथा स्व0 लाल बहादुर शास्त्री, महात्मा गाँधी जी के जन्म दिवस पर किया गया वृक्षारोपण। पर्यावरण भारती द्वारा देव वृक्ष पीपल के 1, फलदार वृक्ष आम के 3 एवं कटहल के 3 पौधे लगाए गए। पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी संजीत कुमार यादव ने किया।
पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पितृपक्ष में भारत के बाहर के मानव विश्व प्रसिद्ध गया जी में पिण्ड दान हेतु आते हैं। देव वृक्ष पीपल, बरगद में पितरों के नाम जल अर्पित करते हैं। तत्पश्चात फलदार वृक्ष आम को जल अर्पित करना पुनीत कार्य माना गया है। परन्तु पक्षियों के कारण ही नये देव वृक्ष पीपल, बरगद, गूलर और पाकड़ संसार के मानव को प्राप्त होते हैं। अतः पितृपक्ष में पक्षियों को भी भोजन कराया जाता है। पितृपक्ष में माँ तारा देवी के पुण्य स्मृति में उनका पुत्र सुनील कुमार ने देव वृक्ष पीपल का पौधारोपण करके हम सबों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किये।
पर्यावरण संरक्षण हेतु अपने पूर्वजों के पुण्य स्मृति में पितृपक्ष में पौधारोपण पुनीत कार्य है।
पर्यावरण प्रहरी हिमालय ने बताया कि भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शास्त्री जी ने भारतीय सैनिकों और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए ” जय जवान- जय किसान ” का प्रसिद्ध नारा दिये। ताशकंद समझौता के बाद 11 जनवरी 1966 को लाल बहादुर शास्त्री जी का रहस्यमय निधन हो गया। मरणोपरांत 1966 में उन्हें ” भारत रत्न ” से सम्मानित किया गया।
पर्यावरणविद संजीत कुमार यादव ने बताया कि पूज्य महात्मा गाँधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनकी माता जी पुतली बाई तथा पिताजी करमचंद गाँधी थे। उनका विवाह 13 वर्ष की उम्र में कस्तूरबा गाँधी से हुआ। तत्पश्चात इंग्लैंड से लाॅ की पढ़ाई किये। वापस भारत आकर सत्य और अहिंसा के सिद्धांत पर विदेशी अंग्रेज के विरूद्ध आंदोलन किये। उन्हें भारत में ” बापू” के नाम से भी याद किया जाता है। उनका दु:खद देहावसान 30 जनवरी 1948 को दिल्ली में हुआ।
पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में संजीत कुमार यादव, शंकर दास, कौशलजीत, नीतिश, ऋचा यादव, वीणा देवी, दिनेश गुप्ता, राम बिलास शाण्डिल्य, सुनील कुमार, हिमालय, दीपक सुन्दरम, शैलेन्द्र कुमार, अनिल कुमार इत्यादि ने भाग लिए।










