धर्मेंद्र प्रजापति की रिपोर्ट
चंदौली। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के भोगवारे गांव स्थित कांशीराम शहरी आवास में रहने वाले 30 वर्षीय मजदूर भगत की रविवार देर शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक करीब 8-10 दिन पूर्व एक आपसी रंजिश में तीन लोगों द्वारा ईंट-पत्थर से बुरी तरह घायल कर दिया गया था। घटना के बाद से ही भगत का इलाज चल रहा था, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने समय पर मुकदमा दर्ज नहीं किया, जिससे घायल को समुचित इलाज नहीं मिल सका।
परिजनों का कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्थानीय पूर्व सभासद प्रमोद कुमार की पहल पर दो-तीन दिन पूर्व एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रविवार को भगत की मौत की खबर से परिजन और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
तीन अलग-अलग वीडियो क्लिप में परिजनों और पुलिस के बीच तीखी झड़प साफ देखी जा सकती है। एक वीडियो में परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का विरोध करते नजर आते हैं। दूसरे वीडियो में लाठ नंबर-2 के पास पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति बनती दिख रही है। तीसरे वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शव को जबरन बीच रास्ते से उठाकर ले जाने की कोशिश की, जिसका उन्होंने विरोध किया। इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे अफरातफरी मच गई। महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी बदसलूकी का आरोप लगाया गया है।
घटना के बाद क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त हो गया है। लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस समय पर एफआईआर दर्ज करती और उपचार में मदद करती, तो भगत की जान बच सकती थी। लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और स्थिति को नियंत्रण में किया जा रहा है। मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।










