हिंद महासागर क्षेत्र में रचनात्मक सहयोग एवं आपसी विकास के लिए भारतीय नौसेना व ओमान की रॉयल नौसेना का समुद्री अभ्यास।

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देवेन्द्र कुमार जैन की रिपोर्ट

भोपाल,मध्य प्रदेश। आईएनएस त्रिकंद और डोर्नियर समुद्री गश्ती विमान ने 13 से 18 अक्टूबर 24 तक गोवा के तट पर रॉयल नेवी ऑफ ओमान पोत अल सीब के साथ भारत-ओमान द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास नसीम-अल-बहर में भाग लिया।यह अभ्यास दो चरणों में किया गया।

13 से 15 अक्टूबर 24 तक बंदरगाह चरण, उसके बाद समुद्री चरण। बंदरगाह गतिविधियों के भाग के रूप में, दोनों नौसेनाओं के कर्मियों ने विषय वस्तु विशेषज्ञों के आदान-प्रदान और योजना सम्मेलनों सहित पेशेवर बातचीत में भाग लिया। इसके अलावा, खेल कार्यक्रम और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। 16 से 18 अक्टूबर 24 तक आयोजित अभ्यास के समुद्री चरण के दौरान, दोनों जहाजों ने इनफ्लेटेबल लक्ष्यों पर बंदूक से फायरिंग, नजदीकी दूरी के एंटी-एयरक्राफ्ट फायरिंग, युद्धाभ्यास और समुद्री दृष्टिकोण पर पुनः पूर्ति (आरएएसएपीएस) सहित विभिन्न अभ्यास किए। इंटीग्रल हेलीकॉप्टर ने आईएनएस त्रिकंद से उड़ान भरी और आरएनओवी अल सीब के साथ क्रॉस-डेक लैंडिंग और वर्टिकल रिप्लेनिशमेंट किया। इसके अतिरिक्त, भारतीय नौसेना के डोर्नियर विमान ने भाग लेने वाले जहाजों को ओवर-द-होराइजन टार्गेटिंग डेटा साझा किया।

पारस्‍परिक संचालन को और बढ़ाने के लिए, भारतीय नौसेना के सी राइडर्स ने एक दिन के लिए आरएनओवी अल सीब पर पोतारोहण किया। इस अभ्यास ने पारस्‍परिक संचालन को मजबूत करने और एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रणालियों की समझ को बढ़ाने में सहायता की। यह अभ्यास बहुत सफल रहा। इससे पारस्‍परिक संचालन को बढ़ाने, आपसी समझ को बढ़ावा देने और भारतीय नौसेना और ओमान की रॉयल नेवी के बीच सामंजस्य को मजबूत करने में सहयोग मिला। यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में समान विचारधारा वाले देशों के साथ रचनात्मक सहयोग और आपसी विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराता है।

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