त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। गृह मंत्री अमित शाह ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव जी के बारे में राज्य सभा में बेहद आपत्तिजनक एवं अपमानजनक टिप्पणी की है। इन्होंने न केवल बाबा साहब पर टिप्पणी कर उनका अपमान किया है बल्कि देश के करोड़ों भारतीयों का घोर अपमान किया।
अमित शाह के इस टिप्पणी का भारत में ही नहीं पूरे विश्व में आलोचना हो रही है, कांग्रेस पार्टी ने भी इनके इस अपमानजनक टिप्पणी का घोर विरोध करती है और आज 20 दिसंबर 2024 को प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर महानगर प्रयागराज के अध्यक्ष प्रदीप मिश्र अंशुमन के नेतृत्व में ज़िला मुख्यालय प्रयागराज में धरना प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रयागराज को दिया।

कांग्रेसियों ने ज्ञापन के माध्यम से यह मांग किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश से सार्वजनिक माफी मांगे अन्यथा कांग्रेस पार्टी इनके इस कृत्य के विरोध में देशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगी लिए पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संविधान एवं लोकतंत्र को खत्म करने का कुत्सित प्रयास कर रही है ये टिप्पणी उनके शिक्षा के स्तर सम्मानित पद धारण करने की क्षमता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है, इनकी यह दूषित टिप्पणी हमारे राष्ट्र की सामाजिक सदभाव के लिए खतरा है इनके झूठे दलित प्रेम की भी पोल खोलती है डॉ॰ बाबा साहब आम्बेडकर भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, लेखक और समाजसुधारक थे। उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और अछूतों (दलितों) से होने वाले सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था। उन्होंने श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था।वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मन्त्री थे। बाबा साहब भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस धरना प्रदर्शन में बहुत से लोग शामिल हुए जिनमें प्रमुख रुप से अनुग्रह नारायण सिंह, प्रदीप कुमार मिश्र अंशुमन, संजय तिवारी, रघुनाथ द्विवेदी, लल्लन पटेल, विनय पांडेय, राजेश राकेश, दिवाकर भारतीय, शादाब अहमद, प्रवीण सिंह भोले, अजेंद्र गौड़, राम मनोरथ सरोज, मो हसीन, इरशाद उल्ला, अब्दुल कलाम आज़ाद, रचना पांडेय, श्याम शुक्ला, श्वेता श्रीवास्तव, नागेंद्र पांडेय, अल्तमश, विशाल सोनकर, अशोक सिंह, कुलदीप गिहार, निशात फातिमा उपस्थित रहे।
