त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। बारा विधानसभा सीट से भाजपा पार्टी के सह योगी दल अपना दल (एस) के विधायक वाचस्पति का नाम पहले भी विवादों से जुड़ा व चर्चित है। रिश्वतखोरी से लेकर अवैध प्लॉटिंग तक के आरोप उन पर लगे और मुकदमे भी दर्ज हुए। दो मुकदमों में तो एडीए (अब पीडीए) के जेई व लेखपाल भी वादी रहे। हालांकि इनमें से तीन मुकदमों में अंतिम रिपोर्ट लग गई, जबकि एक मुकदमा चार्जशीट हुआ। विधायक वाचस्पति मूल रूप से कौशाम्बी के सिराथू तहसील के कसिया पश्चिम गांव के रहने वाले हैं और उनका वर्तमान पता जयंतीपुर, धूमनगंज है। धूमनगंज थाने में उनके खिलाफ 21 मार्च को धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर हुई है। वैसे यह पहली बार नहीं जब विधायक का नाम विवादों से जुड़ा। जमीन पर कब्जे से लेकर तमाम आरोप उन पर पहले भी लगे और मुकदमे भी दर्ज हुए। चुनाव जीतने के लिए रिश्वतखोरी के आरोप लगे तो अवैध प्लाटिंग व सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप में भी एफआईआर हुई।
ऐसे चार मुकदमों की जानकारी सामने आई है, जिनमें विधायक आरोपी बनाए गए। इनमें से तीन मुकदमों में विवेचना के बाद अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई। जबकि एक में चार्जशीट हुई।
कौन-कौन से मुकदमे
विधायक पर अगस्त 2017 में धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन का क्रय विक्रय करने के आरोप में धूमनगंज थाने में एक मुकदमा लिखा गया। इसमें विधायक समेत कुल 12 आरोपी बनाए गए। हालांकि बाद में मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट प्रेषित की गई।
अगस्त 2017 में ही वाचस्पति समेत तीन लोगों पर धूमनगंज थाने में एक और मुकदमा दर्ज हुआ। सदर तहसील के लेखपाल ज्ञानेंद्र कुमार की ओर से दर्ज कराए गए इस मुकदमे में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने सरकारी जमीन बेचकर इसका कब्जा दे दिया। इस मुकदमे में भी अंतिम रिपोर्ट लगी।
15 अगस्त 2018 को एडीए के तत्कालीन जेई सतीश कुमार यादव ने करेली थाने में वाचस्पति समेत दो नामजद व अन्य अज्ञात पर अवैध प्लॉटिंग, धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई। आरोप लगाया कि अभियुक्तों ने ग्राम सैदपुर खास, करेंहदा रोड में 50 बीघा जमीन में अवैध प्लॉटिंग की। विवेचना में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर इस मुकदमे में चार्जशीट लगाई गई।
13 जुलाई 2019 को कौशाम्बी के पूरामुफ्ती थाने (अब प्रयागराज जनपद क्षेत्र स्थित) में रिश्वतखोरी, धमकी देने समेत अन्य आरोप में वाचस्पति समेत 11 लोगों पर एफआईआर हुई। वादी जिला पंचायत सदस्य पुत्र जगजीत सिंह ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद की संभावित उम्मीदवार मुधपति के पति वाचस्पति ने पूरामुफ्ती स्थित अपने विद्यालय में बुलाकर चुनाव में धन देने व इसके बदले समर्थन देने को कहा। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगी।
अतीक गैंग का फहीम पहले भी रहा सह अभियुक्त
एक खास बात यह भी सामने आई है कि करेली निवासी जिस फहीम को दो दिन पहले दर्ज मुकदमे में अतीक गैंग का सदस्य बताया गया, वह पहले भी विधायक वाचस्पति के साथ सह अभियुक्त रह चुका है। 2018 में करेली थाने में अवैध प्लॉटिंग के आरोप में दर्ज केस में फहीम भी आरोपी रहा और विधायक संग उसके खिलाफ भी चार्जशीट लगाई गई।
जैद खालिद पर आठ केस, अतीक संग नामजद, मुकदमा भी दर्ज कराया
विधायक पर दर्ज मुकदमे में एक अन्य सह अभियुक्त जैद खालिद भी बेहद चर्चित नाम है। उस पर कुल आठ केस दर्ज हैं। वह अतीक अहमद के कुख्यात शूटर आबिद प्रधान का दामाद और दिसंबर 2017 में झलवा निवासी सूरजकली व उसके बेटे पर फायरिंग में अतीक संग नामजद भी हुआ। 2019 में उसने अतीक उसके गुर्गों पर देवरिया जेल में ले जाकर पिटाई करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। 2020 में उसका और अतीक का फोन पर बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हुआ। इसमें अतीक उससे देवरिया जेल में पिटाई के बाबत बातचीत करता सुनाई पड़ रहा था। जैद पर अवैध प्लॉटिंग करने के आरोप लगातार लगते रहे हैं और विकास प्राधिकरण की ओर से उसकी कई अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त कराने की कार्रवाई भी की गई है। मुकदमे का एक अन्य अभियुक्त जसीम उसका भाई है।
