देवेन्द्र कुमार जैन की रिपोर्ट
भोपाल, मध्य प्रदेश। दोस्तों आजकल सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। इसका नाम है गिब्ली इमेज स्टूडियो इमेजस इसमें आपके ओरिजनल फोटो वीडियो आदि गिब्ली इमेज में कन्वर्ट हो जाते हैं और देखने में काफी आकर्षक लगते हैं। जितने भी सोशल मीडिया यूसर्स हैं तेजी से इस गिब्ली इफेक्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब इसमें ये हो रहा है कि जब भी कोई सोशल मीडिया पर कुछ ट्रेंड होता है तो उसी दौरान साइबर अपराधी भी बहुत जल्दी एक्टिव हो जाते हैं। क्योंकि लोग इन ट्रेंड को बिना सोचे समझे जाने फॉलो करने लगते हैं। इनमें फोटो जेनेरेट करने के लिए चेट जी पी टी नाम के एक एप्लिकेशन का इस्तेमाल करना पड़ता है जो AI जेनेरेटेड है। जैसे ही इस पर आप इमेज को एडिट करेंगे वो आपके पर्सनल डेटा को अपने पास सेव कर लेता है। ये AI ने अपनी पॉलिसी में भी कहा है।
कुछ लोग अपनी तस्वीरें गिब्ली इमेज में कन्वर्ट करने के लिए चेट जी पी टी का सहारा ले रहे हैं। लेकिन चेट जी पी टी एक दिन में केवल दो ही इमेज कन्वर्ट करके दे रहा है। कुछ लोग ग्रोक का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह भी एक दिन में दो ही इमेज कन्वर्ट करके देता है। इससे एक दिन में दो से ज्यादा बार इमेज कन्वर्ट करने के लिए पैसे देकर सबस्क्रिप्शन लेना पड़ता है। लेकिन हम यूसर्स को सब कुछ फ्री में ही चाहिए। इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी आपके सोशल मीडिया जैसे व्हाटसप् टेलीग्राम आदि पर एक लिंक मैसेज द्वारा भेजते हैं की आप कितनी भी इमेज वीडियो को फ्री में गिब्ली स्टूडियो इमेजस में कन्वर्ट कर सकते हैं। और उस ट्रेंड को फॉलो करने के चक्कर में साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक कर देते हैं। क्लिक करते ही मोबाइल हेक हो जाता हैं। और फोन में मौजूद सभी डिटेल बैंक डिटेल अपराधियों के हाथ में पहुँच जाती है। जो बहुत ही नुकसानदायक साबित होती है। इसलिए किसी भी ट्रेंड को इस्तेमाल करने से पहले सतर्कता व सावधानी बरतें। स्टूडियो गिब्ली की इमेजेस और कंटेंट से जुड़े साइबर फ्रॉड से बचने के लिए कुछ ज़रूरी सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे गिब्ली की इमेजेस, वॉलपेपर, और कंटेंट केवल उनके आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज से ही डाउनलोड करें। कई फेक साइट्स मुफ्त इमेजेस देने के नाम पर मालवेयर या फिशिंग लिंक डाल सकती हैं। असली और नकली अकाउंट की पहचान करें सोशल मीडिया पर वेरिफाइड अकाउंट्स से ही घिबली से जुड़ी जानकारी लें। कॉपीराइट उल्लंघन वाली साइट्स से बचें – कुछ वेबसाइट्स अवैध रूप से गिब्ली के आर्टवर्क बेचती हैं या फेक NFTs बनाकर लोगों को धोखा देती हैं।

कुछ स्कैमर्स गिब्ली स्टाइल में AI-जनरेटेड इमेजेस बनाकर बेचने की कोशिश करते हैं, जबकि स्टूडियो गिब्ली ने कभी आधिकारिक रूप से NFTs लॉन्च नहीं किए हैं। डरावनी पॉप-अप्स और अजीब लिंक पर क्लिक न करें – कई वेबसाइट्स आपको क्लिकबेट ट्रैप में फंसाने की कोशिश कर सकती हैं।यदि किसी के साथ ऐसी धोखाधड़ी हो जाए तो तुरंत साइबर पुलिस को सूचित करें।