सनातन धर्म अडिग है, इसे कोई मिटा नहीं सकता- राकेश सेंगर।

सनातन धर्म अडिग है, इसे कोई मिटा नहीं सकता- राकेश सेंगर।

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नारीबारी के हिन्दू सम्मेलन में सामाजिक एकता का उद्घोष, संस्कार, समरसता और संगठन से विकसित भारत का मार्ग

त्रिभुवन नाथ श्बरमा की रिपोर्ट 

प्रयागराज। सनातन धर्म अडिग है, इसे कोई मिटा नहीं सकता- राकेश सेंगर। हिन्दू समाज की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान निकालने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से नारीबारी स्थित बाबा बैजनाथ धर्मशाला में भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में सनातन धर्म, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि काशी प्रांत सह-व्यवस्था प्रमुख राकेश सेंगर ने कहा कि हिन्दू समाज की हस्ती कभी मिट नहीं सकती, यही सनातन धर्म की सबसे बड़ी शक्ति है। इतिहास साक्षी है कि अनेक आक्रांताओं ने हिन्दू संस्कृति को समाप्त करने का प्रयास किया, किंतु सनातन परंपरा अडिग रही। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी हिन्दू समाज को कमजोर करने के षड्यंत्र होते रहे-कभी अतिक्रमण के माध्यम से, तो कभी आक्रमणकारियों का महिमामंडन कर इतिहास को विकृत करने का प्रयास किया गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत वर्ष का अर्थ ही हिन्दू धर्म और संस्कृति है, जिसे किसी तराजू में तौलना असंभव है।

राकेश सेंगर ने प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि सनातन का प्रवाह समाज को जोड़ने वाला है। महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं ने बिना जाति-पांति पूछे एक साथ स्नान किया, जो हिन्दू समाज की एकता और समरसता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने उत्तर-दक्षिण के नाम पर समाज को बांटने वाले विचारों को घातक बताते हुए कहा कि भारत भले ही राष्ट्रों का संघ हो, लेकिन उसकी आत्मा एक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह दूरदर्शी सोच भारत को समृद्ध और विश्वगुरु बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। उन्होंने रामचरितमानस, भगवान श्रीराम के आदर्श, सत्यनारायण कथा के संदेश और श्रीमद्भगवद्गीता के नीति शास्त्र को जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कारों के अभाव में परिवार और समाज टूट रहे हैं, ऐसे में पंच प्रण को अपनाकर सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत किया जा सकता है।

संत आत्माराम ने कहा कि हिन्दुत्व ही समाज को शीतलता और संतुलन प्रदान कर सकता है। हिन्दुत्व हिमालय की भांति तटस्थ, सत्य और सनातन है। बाबा नंदलाल जी ने भारत की जनता से एकता के सूत्र में बंधने का आह्वान किया। मंच पर उपस्थित मातृशक्ति प्रिया सिंह ने कहा कि नारी के बिना समाज अधूरा है। नारी कोमल अवश्य है, लेकिन कमजोर नहीं है, और समाज निर्माण में उसकी भूमिका सर्वोपरि है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी बाबा बैजनाथ केसरवानी ने कहा कि नारीबारी क्षेत्र का हिन्दू समाज सभी को साथ लेकर चलने की परंपरा रखता है, जो अत्यंत गर्व का विषय है।

कार्यक्रम का संचालन खंड संघ चालक सूर्यकांत शुक्ल ने किया। इस अवसर पर जितेंद्र जी, गोबिंद शरण सिंह, सह संघचालक राजेश जी, खंड कार्यवाह शैलेन्द्र जी, खंड प्रचारक श्यामसुंदर, सह खंड कार्यवाह दिवाकर, पूर्व जिलाध्यक्ष विभवनाथ भारती, जिला मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार चतुर्वेदी,महेंद्र शुक्ला, अशोक मिश्र, राजकुमार, दीपक केसरवानी, विनय शुक्ला, भाजपा नेता डॉ. उदय प्रताप सिंह,आशाराम शुक्ल, ठाकुर इलाहाबादी, सत्यम शुक्ल, रिषी मोदनवाल, अर्जुन केसरवानी, विनोद सिंह, अनिल मिश्र, बृजेश सिंह, राजेश केसरवानी सहित बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के नर-नारी उपस्थित रहे।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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