त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। शिक्षक भर्ती, शिक्षा मित्रों की दुर्दशा, पुरानी पेंशन आदि मुद्दों पर सपा एमएलसी डॉ मान सिंह यादव ने सदन में सरकार को घेरा। विधानपरिषद के चालू सत्र में शिक्षक भर्ती, शिक्षा मित्रों की दुर्दशा, पुरानी पेंशन जैसे मुद्दों को लेकर सपा एमएलसी डॉ मान सिंह यादव ने सरकार को जमकर घेरा।
सपा एमएलसी ने कहा कि प्राथमिक एवं जूनियर शिक्षकों के लगभग 1लाख 20 हज़ार से अधिक पद रिक्त हैं। माध्यमिक विद्यालयों में भी 20 हजार पद पर भर्ती होना है लेकिन सरकार शिक्षकों की भर्ती में गंभीर नहीं है। आन्दोलन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस बदसलूकी कर जेल में बंद कर रही है। 69 हजार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण पूरा नहीं हुआ है। सरकार की कार्य प्रणाली से जहां बेरोजगारी बढ़ी है वहीं शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के निर्माण में आधारशिला होती है। जबकि डबल इंजन की सरकार कंपोजिट शराब की दुकानों को खोलने में जुटी हुई है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों के मामले में समान कार्य समान वेतन का भुगतान किया गया होता तो भारी संख्या में शिक्षा मित्र आत्म हत्या नहीं करते।
डॉ अंबेडकर जी के विचारों को दुहराते हुए कहा कि “शिक्षा शेरनी का वह दूध है जिसको जो जितना पियेगा वह उतना ही दहाड़ेगा।










