होम्योपैथिक दवाओं की अवैधानिकता पर विवाद हुआ समाप्त।

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गोल्डन जुबली राष्ट्रीय कांफ्रेंस से भाग लेकर लौटे डॉ. राजकुमार शर्मा ने दी जानकारी

मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट 

मुरादाबाद।  होम्योपैथिक दवाओं की अवैधानिकता पर विवाद हुआ समाप्त। होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के 50 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष में आयोजित गोल्डन जुबली राष्ट्रीय कांफ्रेंस का भव्य आयोजन विश्व बंगला कन्वेंशन सेंटर कोलकाता में किया गया। कॉन्फ्रेंस में भाग लेकर लौटे डॉक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि इस कांफ्रेंस का उद्घाटन सत्र का अत्यधिक भव्य उद्घाटन बंगाल राज्य की आयुष मंत्री श्रीमती चंद्रिमा भट्टाचार्य ने किया। इस कांफ्रेंस में 125 शोध पत्र विभिन्न प्रेक्षागृहों व 33 सत्रों में प्रस्तुत किये गये। जिनमें होम्योपैथी के आधुनिक शोधों को प्रस्तुत किया गया। शोध पत्र विशेषत कैंसर मानसिक विक्षप्तता ऑटिज्म बच्चों का अविकसित दिमाग ,स्त्री रोग ,तथा आधुनिक जीवन शैली से उत्पन्न रोगों पर शोध पत्र पढ़े गए। तथा उनके होम्योपैथिक सफल इलाज का विस्तृत वर्णन किया गया। तथा नवीनतम जानकारियां दी गई।

कॉन्फ्रेंस में आई आई टी बॉम्बे के सहयोग से किए गए शोध के अनुसार उपलब्ध कराई गई। जानकारी में बतलाया गया की होम्योपैथिक दवाओं में दवाई नैनो पार्टिकल के रूप में पाई जाती है।जिसे कि स्पेक्ट्रम पर देखा जा सकता है। इस कारण अब तक होम्योपैथिक दवाओं की अवैधानिकता पर विवाद समाप्त हो गया है। उपरोक्त कॉन्फ्रेंस में संपूर्ण देश तथा विदेशों से 3500 डेलिगेट्स ने भाग लिया। कॉन्फ्रेंस में एच एम आई के वर्तमान अध्यक्ष डॉक्टर एस के मुखर्जी सेक्रेटरी जनरल डॉक्टर ए के गुप्ता की पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका का निर्वाह किया।

कांफ्रेंस के मुख्य संयोजक डॉक्टर एच डी जायसवाल की भूमिका अद्वितीय रही कॉन्फ्रेंस में मुरादाबाद से डॉक्टर आर के शर्मा एवं डॉ नूतन आर्य ने भाग लिया तथा कॉन्फ्रेंस को डॉक्टर आर के शर्मा ने संबोधित किया।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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