त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। “ऑपरेशन डिग्निटी” के तहत मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को परिजनों से मिलवाया गया। भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में ‘ऑपरेशन डिग्निटी’ अभियान के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा स्टेशनों एवं ट्रेनों में परिवार से बिछड़े अथवा संकटग्रस्त बच्चों एवं महिलाओं को सहायता प्रदान कर उन्हें उनके परिजनों से मिलाने का कार्य सतत रूप से किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल/मिर्जापुर ने एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को उसके परिजनों से मिलवाया।
दिनांक 21.10.2025 को प्रभारी निरीक्षक/रेलवे सुरक्षा बल, मिर्जापुर चमन सिंह तोमर अपनी टीम के साथ मिर्जापुर स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 2/3 पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान राजकीय रेलवे पुलिस/मिर्जापुर थाना के समीप एक युवक गुमसुम अवस्था में बैठा मिला। पूछताछ करने पर युवक ने बताया कि वह छिवकी जाना चाहता है।
सहायक उपनिरीक्षक अशोक कुमार ने तत्परता दिखाते हुए युवक के पिता सुरेश कुमार से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तथा उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने अनुरोध किया कि उसे सुरक्षित रोककर रखा जाए, वे शीघ्र पहुँच रहे हैं। युवक को RPF पोस्ट मिर्जापुर लाकर सुरक्षित बैठाया गया। लगभग 13:00 बजे उसके माता-पिता — सुरेश कुमार एवं सुशीला देवी, निवासी ग्राम केवटावीर अख्तियारपुर, थाना कछवा, जिला मिर्जापुर (उ.प्र.) — पोस्ट पर पहुँचे। युवक का नाम सोनू (उम्र लगभग 18 वर्ष) बताया गया।
युवक द्वारा अपने माता-पिता की पहचान करने तथा आपसी पुष्टि के उपरांत, सहायक उपनिरीक्षक अशोक कुमार द्वारा विधिवत सुपुर्दगीनामा तैयार कर युवक को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया। रेल प्रशासन आमजन एवं यात्रियों से अपील करता है कि किसी भी आपात स्थिति या बाल-संरक्षण से संबंधित सूचना मिलने पर रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर तुरंत संपर्क करें।










