मुख्यमंत्री ने माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर पद्मलोक आवासीय योजना का भूमि पूजन किया
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। कसारी-मसारी अब ‘श्रीकृष्णपुरी’ नाम से विकसित होगा- मुख्यमंत्री। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज के कसारी मसारी में माफिया से मुक्त कराई 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर पद्म लोक आवास योजना के अंतर्गत 191 करोड़ से अधिक की लागत से 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पीपलगांव में निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों को चाबी भी वितरित की।

इस अवसर पर मंच से मुख्यमंत्री के कर-कमलों द्वारा ममता, सिंधु श्रीवास्तव, कंचन सोनी, बसंती देवी, निरूपमा चक्रवर्ती, शंकरलाल कुशवाहा, प्रियंका सोनकर, ललिता पाण्डेय, रंजिता सोनकर, हरिशंकर मिश्र को आवास की चाबी का डेमो प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास और बदलाव स्पष्ट रूप से दिखायी पड़ रहा है। उन्होंने घोषणा की कि कसारी-मसारी अब नहीं होगा, इस पूरे क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे और यहां एक व्यवस्थित टाउनशिप विकसित होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रयागराज में अब कोई माफियागिरी करने का दुस्साहस नहीं करेगा और अगर कोई ऐसा करेगा या करवाएगा, तो उसे मिट्टी में मिलने की तैयारी भी कर लेनी चाहिए। कोई गुंडा या माफिया किसी की संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सकता। लूकरगंज के बाद अब कसारी-मसारी में भी माफिया से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर गरीबों के आशियाने बनेंगे। जिस भूमि पर कभी माफिया और उसके गुर्गों का कब्जा था, वहां अब गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान बनाए जाएंगे। ढाई हेक्टेयर यानी लगभग 15 बीघा जमीन पर माफिया और उसके गुंडों ने कब्जा कर कर रखा था। सरकार ने उस अवैध साम्राज्य को ध्वस्त कर जमीन को मुक्त कराया। अब इसी जमीन पर गरीबों के आवास बनेंगे। यह केवल जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि उसका उपयोग समाज के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हित में करने का संकल्प भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज तीर्थराज है। यह सामाजिक समता की भूमि, भगवान अक्षयवट की पावन धरा और महर्षि भारद्वाज की साधना से पवित्र हुई धरती है। इस भूमि ने युगों-युगों से तीर्थ के महात्म्य को संजोकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया है। लेकिन इसी प्रयागराज में एक समय ऐसा था, जब माफिया जिस जमीन पर पैर रखते थे, वह उनकी हो जाती थी। यहां बेटियों की सुरक्षा पर खतरा होता था। माफिया भय तथा दहशत के पर्याय बने हुए थे। माफिया के आतंक के कारण आम आदमी अपने आपको असुरक्षित महसूस करता था। ऐसे वातावरण में न विकास हो सकता था, न निवेश आ सकता था, न युवाओं को रोजगार मिल सकता था और न ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कोई कार्ययोजना आगे बढ़ सकती थी।
अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। किसी अपराधी को रियायत नहीं मिलेगी और उत्तर प्रदेश को माफिया मुक्त बनाया जाएगा। आज इसी संकल्प के परिणाम सामने दिखाई दे रहे हैं। कभी भय और दहशत के प्रतीक रहे माफिया को उसके किए की सजा दिलाने के लिए सरकार आगे बढ़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने माफिया के अवैध साम्राज्य को ध्वस्त करने और उनसे मुक्त कराई गई जमीन का उपयोग गरीबों के हित में करने का संकल्प लिया। लूकरगंज में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर 86 गरीब परिवारों के लिए हाईराइज बिल्डिंग बनाकर उन्हें आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। अब कसारी-मसारी में भी आवासीय योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। यहां पहले चरण में 602 परिवारों और दूसरे चरण में 598 परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की योजना है। इस प्रकार लगभग 1,200 परिवारों को पक्के घर मिलेंगे।
बाजार-पार्क-जिम और खेल सुविधाएं भी मिलेंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लगभग 1,200 परिवार इस आवासीय परिसर में रहेंगे, तो यहां छह से साढ़े छह हजार से अधिक लोगों की आबादी होगी। उनके लिए केवल मकान ही नहीं, बल्कि अलग से व्यवस्थित टाउनशिप विकसित की जाएगी। यहां बाजार बनेगा, पार्क की सुविधा होगी, खेलकूद के लिए स्थान होगा, जिम बनेगा और लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण इन सुविधाओं को विकसित करने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि गरीबों को आवास देने का अर्थ केवल उन्हें छत उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और परिवार सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। सरकार बिना भेदभाव हर गरीब और हर जाति के व्यक्ति को आवास की सुविधा उपलब्ध करा रही है। आजादी के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में सरकार ने 65 लाख गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराया है। अब प्रयागराज में भी गरीबों को पक्के आवास की सुविधा दी जा रही है।
प्रयागराज में पुल, लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण भी अंतिम चरण में
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में बड़े पैमाने पर सड़कें चौड़ी की गईं। अब यहां सात मीटर से लेकर 14 मीटर तक चौड़ी सड़कें हैं और आवागमन सुगम हुआ है। सरकार सुरक्षा का माहौल इसलिए उपलब्ध करा रही है, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके, उनकी नौकरी का उचित प्रबंध हो, गरीबों को सिर ढकने के लिए आवास मिले और हर नागरिक सुशासन का लाभ लेकर विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर सके। इसी उद्देश्य से प्रयागराज में विकास की अनेक योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी विधानसभा क्षेत्र में डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण भी लगभग पूरा होने की स्थिति में है।
महाराजा बिजली पासी के नाम पर बनेगा आईटीआई
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में आईटीआई के निर्माण की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है। इस आईटीआई का नाम महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखा जाएगा। महाराजा बिजली पासी ने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 किले बनवाए थे। वह विदेशी आक्रांताओं के काल में सनातन धर्म के प्रबल रक्षक थे। उनके नाम पर आईटीआई का निर्माण कर उनके योगदान को सम्मान दिया जाएगा।
प्रयागराज के लिए अब बेहतर कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज अब बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। यहां एयरपोर्ट बन चुका है और गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज से सीधे मेरठ तथा दिल्ली की दूरी कम कर रहा है। पहले प्रयागराज से कार से दिल्ली जाने में 10 से 12 घंटे लगते थे, लेकिन अब गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से यह दूरी लगभग सात घंटे में पूरी की जा सकती है। यही डबल इंजन की सरकार का बदलाव है।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रयागराज स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों के साथ ही कानून व्यवस्था चुस्त-दूरूस्त हुई है। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के मूलमंत्र के साथ कार्य करते हुए बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र लोगो को योजनाओं का लाभ मिला है। बिना किसी कमीशन व भेदभाव के आज योग्य लोगो का चयन सरकारी पदों पर हो रहा है। मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में आज प्रदेश विकास के पथ पर तेजी के साथ आगे बढ़ते हुए उत्तम प्रदेश बन चुका है।
इस अवसर पर मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने संगम की पावन की धरती पर सुशासन के प्रतीक, सांस्कृतिक विरासत के एम्बेसडर व आदर्श कानून व्यवस्था के संस्थापक मुख्यमंत्री का स्वागत व अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में पिछले 9.5 वर्षों के दौरान प्रदेश की तकदीर, तस्वीर दोनो बदली है। कहा कि आज प्रदेश देश ही नहीं बल्कि दुनिया में सकारात्मक पहचान के साथ खड़ा है। उत्तर प्रदेश ने यह साबित किया है कि यदि नीति स्पष्ट हो, नीयत ईमानदार हो और व्यवस्था परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध हो, तो प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिलता है। आज यहां पर जो पद्मलोक आवास योजना के तहत गरीबों के लिए आवास बनाये जाने के कार्य का भूमि पूजन हुआ है, यह इसका उदाहरण है। कहा कि पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश बदहाली से खुशहाली, कुशासन से सुशासन और स्वार्थ से सेवा की ओर आया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की कानून व्यवस्था चुस्त-दूरूस्त हुई है।
इस अवसर पर विधायक शहर पश्चिम सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अपने सम्बोधन में प्रयागराज आगमन पर मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि आज यहां पर मुख्यमंत्री के कर-कमलों से भूमाफियाओं से मुक्त करायी गयी जमीन पर पद्मलोक योजना के तहत 602 घर का भूमि पूजन सम्पन्न हुआ है। कहा कि यही सुशासन, सुरक्षा और विकास का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विकास के कार्य को देखकर यहां के निवासी बहुत खुश है। अब यहां पर लोग बिना किसी भय के आते-जाते है। बहन बेटियां अपने आपको सुरक्षित महसूस करती है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस क्षेत्र में विकास के बहुत से कार्य हुए है, हो रहे है।
इस अवसर पर सांसद फूलपुर प्रवीण पटेल, पूर्व सांसद कौशाम्बी विनोद सोनकर, विधायक करछना पीयूष रंजन निषाद, विधायक फाफामऊ गुरू प्रसाद मौर्य, विधायक फूलपुर दीपक पटेल, विधायक शहर उत्तरी हर्षवर्धन वाजपेयी, विधायक चायल पूजा पाल, महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी, विधान परिषद सदस्य सुरेन्द्र चौधरी व अन्य जनप्रतिनिधिगणों सहित सभी वरिष्ठ अधिकारीगण, बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।










