दुर्गा पूजा शुभारंभ तथा अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा देव वृक्ष पाकड़ का पौधारोपण किया गया।

दुर्गा पूजा शुभारंभ तथा अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा देव वृक्ष पाकड़ का पौधारोपण किया गया।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

लखीसराय, बिहार। दुर्गा पूजा शुभारंभ तथा अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा देव वृक्ष पाकड़ का पौधारोपण किया गया। पौधारोपण का नेतृत्व शिक्षक अरविंद कुमार ने किया।
पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, अपितु नारी शक्ति का सम्मान, प्रकृति वंदन और पूजन एवं समस्त सृष्टि के प्रति व्यक्त करने का महान पर्व है।

भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता के रूप में स्वीकार किया गया है। माँ दुर्गा जी को जगत जननी, आदिशक्ति तथा सृष्टि की रक्षा करने वाली देवी माना गया है। पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, एवं आकाश जैसे पंचमहाभूतों से ही हमारा जीवन संभव है। प्रकृति की इन्हीं शक्तियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना, भारतीय संस्कृति की विशेषता है। नवरात्रि में 9 दिनों तक माँ दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। यह पर्व शक्ति, साधना, आत्मविश्वास, संयम तथा जीवन में सकारात्मकता का संदेश देता है। शारदीय नवरात्रि का समय ऋतु परिवर्तन से भी जुड़ा है। इस समय मौसम में होने वाले बदलाव हमें पर्यावरण तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देता है।

दुर्गा पूजा वास्तव में मातृ शक्ति पूजन का पर्व है। जिस प्रकार माँ अपने बच्चों का पालन-पोषण करतीं हैं, उसी तरह प्रकृति संसार के मानव को अन्न,जल,ऑक्सीजन और औषधि प्रदान करती हैं। अतः पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करने का संकल्प दुर्गा पूजा में लेना चाहिए।

पर्यावरण असंतुलन के कारण संसार के मानव ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन,जंगलों की अंधाधुंध कटाई, जल संकट एवं प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। दिल्ली में कचरे का पहाड़ बन गया है। अतः ” प्रकृति का सम्मान करेंगे। हरे वृक्षों की रक्षा करेंगे। जल, जमीन, जंगल बचायेंगे। धरती माता को स्वच्छ बनायेंगे “। धरती पर 33 % जंगल अनिवार्य है। परन्तु15 % ही जंगल बचा है। इसलिए संसार के प्रत्येक मानव को आसपास कम से कम 10 पेड़ अवश्य लगाना चाहिए।

पर्यावरणविद अवनीश प्रिंस ने बताया कि 11 अक्टूबर 2012 में पहली बार अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। इसका उद्देश्य है–” बालिकाओं के अधिकारों, उनकी शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकारों में समानता तथा उनके सामने आने वाली चुनौतियों के प्रति दुनियाभर के मानव को जागरूक करना है “।2026 का थीम है– बाल विवाह समाप्त करें और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करें। आज संयोगवश माँ दुर्गा पूजन का प्रथम दिन है।ऐसे सुअवसर पर पौधारोपण स्मरणीय कार्य है।

पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में गरिमा यादव, वीणा देवी, शिक्षक अरविंद कुमार, अवनीश प्रिंस, हिमालय, राम बिलास शाण्डिल्य, संजय कुमार, अनिल, संजीव चन्द्रवंशी, केशव सुन्दरम, राकेश इत्यादि ने भाग लिए।

AT Samachar
Author: AT Samachar

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai