05दिवसीय विराट किसान मेला 2025 में कृषि सूचनातंत्र का सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत द्वितीय दिवस का आयोजन किया गया।

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त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। महाकुम्भ मेला 2025 सेक्टर-9 (महाकुम्भ नगर निकट कलश द्वार) 05दिवसीय विराट किसान मेला 2025 में कृषि सूचनातंत्र का सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत द्वितीय दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें 750 कृषक एवं कृषि विभाग के समस्त अनुभाग के समस्त कार्मिकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। उप कृषि निदेशक, प्रयागराज द्वारा सभी अतिथियों का अभिनन्दन करते हुए कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना,फार्म मशीनरी बैंक, सोलर पम्प, नमामि गंगे एवं अनुदान पर बीज वितरण से सम्बन्धित योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी।

तकनीकी सत्र में इं0 जी0पी0एम0 सिंह, वैज्ञानिक के0वी0के0 नैनी प्रयागराज द्वारा कृृषि यंत्रीकरण के महत्व के बारे में समझाते हुए बताया कि कृषि यंत्रीकरण का आशय खेती में पशु और मनुष्य की जगह यथा संभव यंत्रों के प्रयोग प्रतिस्थापित करना है। इसमें जुताई का कार्य ट्रैक्टर द्वारा, बुवाई और उर्वरक डालने का कार्य सीडड्रिल द्वारा फसल कटाई का कार्य भी मशीनों द्वारा होना चाहिए। किसान बड़े-बड़े कृषि उपकरणों को एफ0पी0ओ0 एवं कस्टम हायरिंग के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। मशीनों के क्रय हेतु चयन में क्षेत्र विशेष उपलब्ध मशीनों के स्थान पर अनुपलब्ध मशीनों का चयन करें, जिससे रोजगार सृजन के साथ-साथ किसान को अतिरिक्त आय प्राप्त होगा। मशीनों को टैक्टर जैसे जुताई, बुवाई, सिंचाई, कटाई मड़ाई एवं भण्डारण आदि करने से 34 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी हो सकती है।


डा0 मनीष केसरवानी, कृषि वैज्ञानिक, शुआट्स प्रसार निदेशालय-नैनी, प्रयागराज ने श्रीअन्न जैसे-ज्वार, बाजरा, रागी एवं कोदो इत्यादि के विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि श्रीअन्न न केवल विभिन्न पोषण तत्वों से भरपूर है अपितु जलवायु परिवर्तन के कारण हो रही मौसम सम्बन्धी प्रतिकूलताओं को भी सहन करने में सक्षम है। श्री अन्न की उपयोगिता, इसके उन्नयन एवं शासकीय प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने श्रीअन्न के महत्व को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 2018 में इसे पोषण कार्य, अनाज तथा इस वर्ष को नेशनल ईयर आॅफ मिलेट्स घोषित किया तथा भारत सरकार के ही प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संध ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया जिसके कारण समग्र विश्व में श्रीअन्न के प्रचार-प्रसार व इसके व्यंजनों के निर्माण एवं उसकी स्वीकार्यता बढ़ी।


डा सुरेन्द्र सोनकर, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र जौनपुर ने मृदा प्रबन्धन के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए मृदा में जीवांश को बढ़ाने और फसल चक्र को अपनाने पर जोर दिया तथा फसल चक्र से मृदा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी प्रदान की।


डा0 रूपेश सिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र-जौनपुर ने मशरूम की खेती के बारे तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि मशरूम के बटन एवं ओएस्टर मशरूम के स्पान (बीज) एवं व्यवसायिक तथा घरेलू रूप में मशरूम उत्पादन तकनीकी के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान किया। कृषक भाई अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।


भूमि संरक्षण अधिकारी-फूलपुर, प्रयागराज द्वारा उप कृषि निदेशक, प्रयागराज की अनुमति से कृषकों, अधिकारियों एवं मीडिया सेल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गयी।

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Author: AT Samachar

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