धर्मेंद्र प्रजापति की रिपोर्ट
चंदौली। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत आरपीएफ डीडीयू द्वारा 08 नाबालिग बच्चे रेस्क्यू। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) डीडीयू, बचपन बचाओ आंदोलन एवं चाइल्ड हेल्प डेस्क की संयुक्त टीम द्वारा प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ डीडीयू प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में ऑपरेशन आहट / ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अंतर्गत डीडीयू जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
इस दौरान डीडीयू जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 08 पर समय लगभग 09:20 बजे, गाड़ी संख्या 12987 अप अजमेर–सियालदह एक्सप्रेस के सामान्य कोच से 08 नाबालिग बच्चों को संदिग्ध अवस्था में यात्रा करते हुए पाया गया।
पूछताछ में बच्चों द्वारा अपना नाम व पता निम्न प्रकार बताया गया
अजीत कुमार (15 वर्ष), थाना चैनपुर, जिला कैमूर, बिहार, घुरहू कुमार (16 वर्ष), थाना चैनपुर, जिला कैमूर, बिहार, सोनू कुमार (14 वर्ष), थाना चेनारी, जिला रोहतास, बिहार, रंजीत कुमार (13 वर्ष), थाना चैनपुर, जिला कैमूर, बिहार, पलटू कुमार (15 वर्ष), थाना चैनपुर, जिला कैमूर, बिहार, मंटू (16 वर्ष), थाना चैनपुर, जिला कैमूर, बिहार, मंजूर आलम कोयल (14 वर्ष), जिला साउथ 24 परगना, पश्चिम बंगाल, सुहान मौला (15 वर्ष), जिला साउथ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।
पूछताछ के दौरान क्रम संख्या 1 से 6 तक के बच्चों ने बताया कि वे सभी आपस में योजना बनाकर परिजनों को बिना बताए जयपुर काम करने जा रहे थे। वहीं क्रम संख्या 7 एवं 8 के बच्चों ने बताया कि वे घरेलू नाराजगी के चलते अजमेर काम करने जा रहे थे।
सभी नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारकर आरपीएफ पोस्ट डीडीयू लाया गया, जहां चाइल्ड लाइन डीडीयू के स्टाफ द्वारा उनकी काउंसलिंग की गई। तत्पश्चात सभी बच्चों के परिजनों को उचित माध्यम से सूचना दी गई।
अग्रिम विधिक कार्यवाही एवं परिजनों तक सुरक्षित सुपुर्दगी हेतु सभी नाबालिग बच्चों को चाइल्ड लाइन डीडीयू के ऑन-ड्यूटी स्टाफ के सुपुर्द किया गया।
इस अभियान में आरपीएफ टीम से उप निरीक्षक अर्चना मीणा, अश्वनी कुमार, सहायक उप निरीक्षक शाहिद खान, सतीश सिंह, आरक्षी अशोक यादव, बचपन बचाओ आंदोलन से सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता तथा चाइल्ड हेल्प डेस्क से सीमा यादव सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।










