त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संस्कृति कर्मियों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निरंतर विमर्श का आयोजन किया जाता रहा है। इसी क्रम में दिनांक 6 सितंबर (शनिवार) को शाम 5 बजे से सांस्कृतिक केंद्र परिसर के बहुउद्देशीय हॉल में विमर्श-6 का आयोजन किया जाएग, जिसका विषय है “मेरा रंगमंच, मेरी कहानी” इस विशेष संवाद में भारतीय रंगमंच, टेलीविजन व फिल्म जगत की एक सशक्त उपस्थिति तथा वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. अनिल रस्तोगी अपने जीवनानुभव, सृजनात्मक यात्रा और रंगमंचीय अनुभवों को साझा करेंगे।
केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम संस्कृति प्रेमियों, रंगमंच कार्यकर्ताओं और युवा कलाकारों के लिए अनुभवों से सीखने और प्रेरणा प्राप्त करने का एक अद्वितीय अवसर होगा। डॉ. अनिल रस्तोगी भारतीय रंगमंच के वरिष्ठ अभिनेता हैं, जिन्होंने 63 वर्षों में 1000 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियाँ और 96 से अधिक नाटकों, 15 से ज्यादा टीवी धारावाहिकों, व 60 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।
उन्होंने उड़ान, इश्कज़ादे, ना बोले तुम ना मैंने कुछ कहा, मुल्क, रेड जैसी लोकप्रिय फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं। रंगमंच के प्रति उनकी अटूट निष्ठा के चलते उन्हें ‘यश भारती’, ‘उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी सम्मान’, ‘अवध सम्मान’, 2024 में भारत रत्न उर्दू सम्मान (उ.प्र. उर्दू अकादमी) और 2023 में राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।










