ग्रामीण विकास की रीढ़ है गाय।

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मोगली पलटन की कछुआ चाल साइकल रैली

सीधी, एमपी। ऋषिकेश फ़ाउंडेशन की बाल टोली ‘मोगली पलटन’ ने आज, महीने के दूसरे रविवार को, लगातार तीसरे महीने अपनी ‘कछुआ चाल’ साइकिल रैली का आयोजन ग्राम हनुमानगढ़ में किया गया। इस रैली का उद्देश्य ‘गाय है तो गाँव है’ के महत्वपूर्ण संदेश को जन-जन तक पहुँचाना था। यह रैली गाँव के स्व. चंद्रप्रताप तिवारी स्मारक स्थल से शुरू होकर, मुख्य सड़कों से होती हुई गाँव के दूसरे छोर पर समाप्त हुई।

इस रैली की सबसे ख़ास बात यह रही कि इसका नेतृत्व बच्चों ने किया, जिन्होंने गाय की उपयोगिता और आर्थिक-सांस्कृतिक महत्व पर ज़ोरदार नारे लगाकर पूरे गाँव को जागरूक किया। बच्चों द्वारा इस तरह के गंभीर विषय को उठाना यह दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और टिकाऊ विकास के महत्व के प्रति सचेत है।

रैली का नाम ‘कछुआ चाल’ इस अवधारणा पर आधारित है कि विकास की प्रक्रिया कछुए की तरह धीमी, स्थिर और सुनिश्चित होनी चाहिए। यह जल्दबाज़ी और अंधाधुंध विकास की दौड़ के बजाय टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल प्रगति का संदेश देता है।

ऋषिकेश फ़ाउंडेशन ने इस बात पर जोर दिया कि गाय सिर्फ़ एक पशु नहीं, बल्कि गाँव की अर्थव्यवस्था और संस्कृति का केंद्र है। गाय के दूध, गोबर और गौमूत्र से न केवल रोज़गार के अवसर पैदा होते हैं, बल्कि ये उत्पाद जैविक खेती और प्राकृतिक जीवनशैली को भी बढ़ावा देते हैं, जो सतत विकास के सिद्धांतों को पुष्ट करता है।

फ़ाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि यह रैली हर महीने के दूसरे रविवार को जारी रहेगी। लगातार तीसरे महीने आयोजित इस रैली को भी ग्रामवासियों से व्यापक समर्थन मिला, जो ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है।

AT Samachar
Author: AT Samachar

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