संविधान मेला की भव्यता हेतु बारा विधानसभा में निकाली जायेगी संविधान पदयात्रा
समतामूलक समाज निर्माण के लिए अंधविश्वास पाखण्ड और कुरीतियों से मुक्त होना होगा
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। आहों से पत्थर पिघलेगा-इस धोखे में मत रहना, तुम्हे कहीं इंसाफ मिलेगा-इस धोखे में मत रहना, भारत के जरें जरें में बहुजनों तुम्हारा अपना भी एक हिस्सा है, बुला बुलाकर कोई देगा-इस धोखे में मत रहना उक्त बातें डा. अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने यमुनापार की तहसील करछना स्थित विकास खण्ड कौंधियारा अन्तर्गत आने वाली ग्रामसभा उमरी मे 02 अक्टूबर से संविधान दिवस 26 नवम्बर 2025 तक महिलाओं के नेतृत्व में एक अभियान के रूप में बारा विधानसभा के प्रत्येक गाँवो में कैडर बैठके करके संविधान पदयात्रा निकाली जाएगी। शनिवार को उसरी ग्रामसभा में जमीन और उद्योगों के राष्ट्रीयकरण के साथ “छुआछूत मुक्त भारत 1947 का सपना क्या 2047 में साकार होगा? विषयक संविधान मेला के आयोजन को सफल बनाने पर बैठक की गई।
आईपी रामबृज ने बताया कि अम्बेडकरवादी विचारधारा के लोगो के लिए उपरोक्त लाइने है जो कह रही हैं कि इस देश मे हिस्सा तो 85 प्रतिशत बहुजनों का भी है लेकिन जो सामंतवादी सरकार है वो बहुजनों का हिस्सा देने वाली नही है इसलिए संघर्ष करो वरना ये नाम लेंगे राष्ट्रवाद का और कार्य करेंगे पक्षपात का। धर्म का नाम लेकर ये देश का संविधान तो बदलेंगे ही साथ ही बहुजनो के प्रदत्त अधिकार भी। वर्तमान परिवेश की जटिलता में सिर्फ एक ही विकल्प हैं संघर्ष करते हुए अम्बेडकरवाद की ओर बढ़ो।
रामबृज ने आगे बताया कि हम अधिकारों को लेकर अपनी जिंदगी कैसे जिये यह बहुजनो को तय करना है। समतामूलक समाज निर्माण के लिए विषमता मूलक मकड़जाल में फंसे हुए बहुजन समाज के खिलाफ जो व्यवस्थाएं है उसे त्यागना होगा। समाज मे भेदभाव खत्म तभी होगा जब इसकी शुरुआत बहुजन स्वयं करेंगे। जमीन और उद्योंगो के राष्ट्रीयकरण के साथ जातिवाद, अस्पृश्यता, छुआछूत मुक्त भारत देश के निर्माण में सिविल लाइन स्थित धरना प्रदर्शन स्थल पर 26 नवम्बर को आयोजित विशाल संविधान महोत्सव व संविधान मेला – 2025 मे बारा और करछना विधानसभा से ज्यादा से ज्यादा लोगो के पहुंचने का आह्वान किया।










