देवेन्द्र कुमार जैन की रिपोर्ट
भोपाल, मध्य प्रदेश। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि मध्य प्रदेश शासन और “वर्ल्ड बायोगैस एसोसिएशन” के बीच हुये एमओयू से बायोगैस एक्शन प्लान के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। मंगलवार को भोपाल में मध्यप्रदेश बायो फ्यूल स्किम-2025 स्किम अंतर्गत एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। एमओयू होने पर बायोगैस एक्शन प्लान का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन किये जाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि नवकरणीय ऊर्जा विभाग, कृषि, पशु कल्याण, नगरीय प्रशासन आदि के साथ समन्वय कर उपलब्ध बायोफ्यूल का सर्वेक्षण कार्य करायेगा। इससे नीति निर्धारण संबंधी कार्यों में भी आवश्यक मदद मिलेगी। इंटरनेशनल टेक्नीक बेस्ड बायोगैस संयंत्रों की स्थापना के लिये पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने में मदद मिलेगी। कैपसिटी बिल्डिंग अंतर्गत शैक्षणिक संस्थाओं में आवश्यक पाठयक्रम का समावेश किया जा सकेगा। इसमें विकासकों के साथ नॉलेज शेयरिंग में भी मदद मिलेगी। एमओयू से बायोफ्यूल आधारित परियोजना के मानक निर्धारण संबंधी कार्यों के साथ बायोफ्यूल प्रोजेक्ट की कार्यशैली तकनीकी क्षमता के संबंध में प्रमाणीकरण किये जाने में भी मदद मिलेगी।
मंत्री शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान होने से यहां बहुतायत में पशुधन और प्रचुर मात्रा में अपशिष्ट उपलब्ध है। इन अपशिष्ट के साथ ही नगरीय क्षेत्रों में उपलब्ध सॉलिड और लिक्विड वेस्ट से कम्प्रेस्ट बायोगैस निर्माण और उपयोग की असीम संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए एमओयू का निश्चित ही प्रदेश को लाभ मिलेगा।










