त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। कलयुग में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा रावण का पुतला दहन। विजयादशमी के त्रेता के रावण की नहीं बल्कि आधुनिक कॉल के रावण का पुतला दहन कर भ्रष्टाचार के खत्म होने की कामना की गई। यह अनूठी पहल प्रयागराज के शहीदवॉल पर गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी आयोजित की गई।
भ्रष्टाचारी रूपी रावण का 10 शेर बनाया गया था और उसका पेट घूस से भरा था। यह दर्शाता है कि आजाद भारत में भ्रष्टाचार किस कदर बढ़ता जा रहा है। आयोजक डॉ प्रमोद शुक्ला ने कहा कि शहीदों ने आजाद भारत में भ्रष्टाचार के सपने नहीं देखे थे इसलिए हम लोगों ने शहीदों के सपनों के भारत को बनाने के लिए प्रतीक रूप में
भ्रष्टाचार रूपी रावण का पुतला दहन किया है।
सिविल लाइंस रामलीला कमेटी से जुड़े रघुनाथ द्विवेदी वह अन्य ने भ्रष्टाचार मुर्दाबाद का नारा लगाया और अंत में भ्रष्टाचार रूपी रावण को नष्ट कर दिया गया। आज विजय दशमी के अवसर पर रावण दहन की विशेष परंपरा चली आ रही है इसी अवसर पर आज प्रयागराज के शहीद वॉल पर भी भ्रष्टाचारी रूपी रावण का पुतला दहन किया।
लोगों ने बताया कि आज हमने भ्रष्टाचारी रूपी रावण दहन शहीद वॉल पर किया है इसका उद्देश्य है कि समाज में भ्रष्टाचार जल्द से जल्द खत्म हो हालांकि 2014 में मोदी सरकार आने के बाद भ्रष्टाचार पर रोक लगी है लेकिन और खत्म हो इसी संदेश के साथ आज यह दहन किया गया।










