बढ़ते जनाधार से विरोधी सपा – भाजपा बीएसपी में अपने लोगों का करा रहे है घुसपैठ
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। बीएसपी मण्डल प्रभारी सपा-भाजपा कार्यकर्ताओं को बीएसपी में बना रहा है पदाधिकारी। बहुजन समाज पार्टी में इन दिनों जबसे सतीश जाटव को मण्डल प्रभारी और पंकज गौतम को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है तभी से दोनों की दलाली बजारी का जबरदस्त चर्चा पूरे मण्डल में हलचल मचा दी है। बताया जा रहा है कि प्रयागराज मण्डल में बीएसपी के बढ़ते जनाधार को रोकने के लिए समाजवादी पार्टी और भाजपा के कार्यकर्ताओं को धन बल और मुख्य मण्डल प्रभारियों की दलाली बाजारी से उन्हें बीएसपी में सीधे पदाधिकारी बनाया जा रहा है। बात सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के सुपुत्र सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज की है जहां पर बहुजन समाज पार्टी में अभी हाल ही में प्रयागराज मंडल का मण्डल प्रभारी रामनरेश पासी सपा सांसद पुष्पेंद्र को बुके देते हुए स्वागत करते हुए नजर आ रहे हैं।
राम नरेश पासी का बीएसपी में दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है। सतीश जाटव की दलाली बजारी के चलते रामनरेश को प्रयागराज मण्डल का मण्डल प्रभारी बनाया गया है। अभी दस दिन पहले सिराथू निवासी अशोक सोनकर को भी धन बल और दलाली बजारी के चलते प्रयागराज मण्डल का मण्डल प्रभारी बनाया गया है। सवाल यह है कि मेजा निवासी गुलाब धैर्य लोकसभा 2019 के चुनाव में इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र से बीएसपी से अपनी दावेदारी भी किए थे और इसके पहले जिला कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे। बीएसपी में सतत मेंटिनेंस के नाम पर सहयोग भी करते रहे। गुलाब धैर्य के जिलाध्यक्ष बनते ही उन्हें जिलाध्यक्ष के पद से चौबीस घंटे के बाद इसलिए हटा दिया गया था कि उनका बीएसपी में दूर दूर तक कोई वास्ता सरोकार नहीं था इस तरह से पूर्वाग्रह से ग्रसित सतीश जाटव से पूछना है कि अभी हाल ही में सतीश जाटव जिन दो लोगों रामनरेश पासी और अशोक सोनकर को प्रयागराज मण्डल का मण्डल प्रभारी बनाया है उनका बीएसपी में मिशन मूवमेंट को आगे ले जाने में किस तरह का कबसे कितना योगदान रहा ?
यमुनापार की विधानसभा बारा, करछना, मेजा और कोरांव से बीएसपी समर्थक अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए बताये कि सतीश जाटव और पंकज गौतम सपा और भाजपा के उच्च पदाधिकारियों से सांठ गांठ और मिलीभगत करके अपना अपना जेब गर्म करने में लगे है। बीएसपी के उक्त मण्डल प्रभारी सतीश जाटव और जिलाध्यक्ष पंकज गौतम दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को पैसे का लेनदेन करके सीधे बीएसपी में पदाधिकारी बना रहे है। इस प्रकार की चर्चाओं का बाजार इसलिए गर्म और तेज हो गया है क्योंकि तीस तीस साल से बीएसपी समर्थक एक ही स्थान पर आज भी पार्टी हित में कार्य कर रहे है किन्तु उन्हें आगे न बढ़ाकर दलाली बजारी करके उन्हें पदाधिकारी बनाया जा रहा है जिनका पार्टी में कोई वास्ता सरोकार नहीं है। कई लोग इसे राजनैतिक समीकरणों में संभावित बदलाव का संकेत मान रहे हैं तो कुछ इसे व्यक्तिगत दलाली बजारी व वैमनस्य बता रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी को अनुशासन और पार्टी लाइन पर कड़ा रुख अपनाने के लिए जानी जाती है, बीएसपी प्रमुख अब सतीश जाटव और पंकज गौतम पर पूरे मामले पर क्या रुख अपनाएगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इस संबंध में बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम का रूख मंडल प्रभारी सतीश जाटव और जिलाध्यक्ष पंकज गौतम पर क्या पड़ने वाला है नहीं मालूम किन्तु उक्त बात बीएसपी प्रमुख बहनजी तक पहुंचेगी तो मण्डल प्रभारी सतीश जाटव और जिलाध्यक्ष पंकज पार्टी से निष्काशित करने जैसी गाज गिर सकती है जो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम के रहमो करम पर है क्योंकि दलाली बजारी का कमीशन उन तक भी पहुंच रहा है। आगे क्या होगा कोई नहीं जानता।










